40 हजार रुपये घूस लेने के आरोप में पकड़े गए कुरी चौकी इंचार्ज रहे आशीष मिश्रा को पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में उसे जेल भेज दिया गया। वहीं उसे निलंबित कर विभागीय जांच के भी आदेश दे दिए गए हैं।
उधर, जून में रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए बड़े बाबू रहे ज्ञानेंद्र सिंह की बर्खास्तगी की संस्तुति हो गई है। उनके खिलाफ विभागीय जांच पूरी होने के बाद यह कार्रवाई की गई। आशीष की जांच रिपोर्ट आने के बाद इनकी भी बर्खास्तगी तय मानी जा रही है।
पुलिस महकमे में पिछले कुछ दिनों से दरोगा की रिश्वतखोरी और रंगदारी के मामले आने के बाद अफसर भी सख्त कार्रवाई के मूड में हैं। बृहस्पतिवार को ही एंटी करप्शन की टीम ने कुरी चौकी इंचार्ज रहे आशीष मिश्रा को 40 हजार रुपये घूस लेते हुए पकड़ा था। कुरी के अजय ने आरोप लगाया था कि दरोगा ने दर्ज केस में अंतिम रिपोर्ट लगाने के लिए 80 हजार रुपये की मांग की थी।
40 हजार रुपये पहले मांगे थे बाकी काम होने के बाद। इसी दौरान उनकी शिकायत पर एंटी करप्शन की टीम ने उसे पकड़ लिया। जेल भेजने से पहले शुक्रवार को एसएसपी ने आईजी से वार्ता कर निलंबन की कार्रवाई पूरी कर दी जिसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया।
उधर, 18 जून को पकड़े गए बड़े बाबू ज्ञानेंद्र सिंह की जांच पूरी होने के बाद बर्खास्त कर दिया गया है। एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि ज्ञानेंद्र सिंह की बर्खास्तगी की संस्तुति हो गई है। आशीष को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए है। जांच पूरी होने के बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी।