भजन गायक अनूप जलोटा की नजर में असल संगीत वही है, जो शाश्वत हो। उनका कहना है कि देश की 75 फीसदी आबादी गांवों में रहती है, जिसे शाश्वत संगीत की समझ है। इसी वजह से अब भी लोगों के जहन में ‘ऐसी लागी लगन...’ भजन जिंदा है। जबकि ‘मुन्नी बदनाम हुई...’ गीत को कुछ दिन सुनने के बाद लोगों ने उसकी सीडी घर से बाहर फेंक दी है। अगर शहर में रहने वाले कुछ युवाओं का वेस्टर्न संगीत की ओर रुझान है तो यह ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगा। भजन की गूंज हर जगह पहुंचती है और इसे देश के साथ विदेशों केे लोग भी सुनना पसंद करते हैं।
गोरखपुर महोत्सव में शिरकत करने पहुंचे भजन गायक ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि क्लासिकल गाने की जिसे अच्छी समझ होगी, वही बेहतर गजल, भजन गा सकता है। उन्होंने अच्छे गायन के क्लासिकल सीखने की नसीहत दी। कहा कि अब के कई गायकों को क्लासिकल का ज्ञान नहीं है, इसलिए अच्छे भजन सुनने को नहीं मिलते। भजन गायन का दूसरा रूप ही क्लासिकल संगीत है।
साहित्यकारों की भूमि है गोरखपुर
अनूप जलोटा ने कहा कि गोरखपुर साहित्यकारों की भूमि है। यहां के हिंदी के प्रसिद्ध कवि, शायरों, कहानीकारों ने देश का नाम रोशन किया है। आम लोगों की भी हिंदी और उर्दू पर अच्छी पकड़ है। इसलिए यहां के लोग जहां भी जाकर काम करेंगे, गोरखपुर की माटी का नाम रोशन करेंगे।
उत्तर प्रदेश जल्द बनेगा उत्तम प्रदेश
भजन गायक अनूप जलोटा ने कहा कि उत्तर प्रदेश जल्द ही उत्तम प्रदेश बनेगा। सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में प्रदेश का विकास होना तय है। इसके लिए सीएम बेहद तल्लीनता से लगे हैं।