पूरा मामला पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के संज्ञान में आया तो वे सकते में आ गए। इस मामले में बीएसए बीएन सिंह पर तत्काल कार्रवाई का दबाव भी बढ़ गया। बीएसए ने मामले की जांच के खंड शिक्षाधिकारी सुरेंद्र यादव को मौके पर भेजा। खंड शिक्षाधिकारी ने छात्राओं से बात की और रिपोर्ट बीएसए को भेज दी। इसी आधार पर बीएसए ने प्रधानाध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर दी।
14 छात्राओं ने बंद किया था विद्यालय जाना
दो छात्राओं की ओर से आवाज उठाने के बाद पता चला कि प्रधानाध्यापक की हरकत के चलते बारी-बारी करके 14 छात्राओं ने प्राथमिक विद्यालय जाना बंद कर दिया है। इस सिलसिले में करीब पांच छात्राओं से जानकारी ली गई। ज्यादातर ने कहा कि प्रधानाध्यापक कक्षा में आकर अश्लील वीडियो दिखाते हैं, फिर अश्लील हरकत करते हैं।
मना करने पर स्कूल से नाम काटने और घर पर शिकायत करने की धमकी भी देते हैं। पीड़ितों ने मामले की जानकारी ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि दीनानाथ यादव को भी दी। उनकी ही अगुवाई में अभिभावक मौके पर पहुंच गए और हंगामा किया।
प्रधानाध्यापक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत पर खंड शिक्षा अधिकारी को मौके पर भेजा गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रधानाध्यापक को निलंबित कर विभागीय जांच का आदेश दिया गया है- बीएन सिंह, बीएसए