न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) में भारत को शामिल करने का विरोध करके चीन ने भारत के लिए मुसीबत पैदा कर दी है। जबकि वर्तमान परिप्रेक्ष्य के हरेक दृष्टिकोण से भारत इसमें शामिल होने की काबिलियत रखता है। चीन के इस कदम से भारतीयों के मन में काफी रोष है। चीन के इस कदम के विरोध में लोगों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। किसी ने पुतला जलाया तो कोई लोगों से चीनी सामानों का बहिष्कार करने का आह्वान कर रहे हैं। अगर 125 करोड़ देशवासियों ने इस पर अमल कर लिया तो वास्तव में चीन को बहुत बड़ा आर्थिक झटका लगेगा और इसको लेकर सभी देशवासी एकजुट भी हैं।
देश में आज पूरा जनसमूह चीन के खिलाफ है। सभी चीन के सामानों को खरीदने से परहेज कर रहे हैं। एनएसजी में भारत का विरोध करके चीन ने बहुत बड़ी गलती की है। इसलिए चीन को आर्थिक नुकसान होना शुरू हो गया है। अभी नहीं, एक-दो महीने बाद परिणाम पता चलेगा।
- पवन मिश्रा, मोहद्दीपुर
चीन का पूरे देश में विरोध होना चाहिए। देश भर में ऐसा माहौल बने कि लोग चीन सामानों की खरीद से भी परहेज करें। इसके लिए आम जनमानस को आगे आना चाहिए, क्योंकि चीन ने भारत के साथ विश्वासघात किया।
- डॉ. सीएम सिन्हा, राष्ट्रीय महासचिव, विश्व हिंदू महासंघ
जो लोग चीन का विरोध करते हैं हम उनका समर्थन करते हैं। चीन के सामानों का विरोध होगा तो उसे आर्थिक स्तर पर झटका लगेगा, क्योंकि चीन ने भारत की पीठ में छूरा घोंपने का काम किया है।
- ऋषि मोहन वर्मा, महानगर संयोजक, हिंदु युवा वाहिनी
बजरंग दल ने चीन का विरोध करते हुए उसका झंडा जलाया। सभी लोग चीन के सामान का बहिष्कार करने के लिए आगे आ रहे हैं, क्योंकि चीन कभी भारत का हित नहीं कर सकता है। हमेशा भारत को नीचा दिखाने में लगा रहता है।
- दुर्गेश त्रिपाठी, बजरंग दल