कमिश्नर की सख्ती के बाद नगर निगम ने पिछले तीन साल में हुए कामों से जुड़ी फाइलें जांच टीम को दे दी है। इसी के साथ अब जांच की तैयारी भी शुरू हो गई है। उधर, तीन सालों में हुए कामों की संख्या एक हजार से अधिक हो जाने की वजह से यह तय हुआ है कि सभी वार्ड के बड़े कामों के साथ ही उन कामों की जांच की जाएगी जिन्हें लेकर शिकायतें हुई हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि पखवारे भर में जांच पूरी कर ली जाएगी।
बता दें कि पिछले दिनों कमिश्नर ने नगर विकास की समीक्षा बैठक के दौरान निगम के पिछले तीन सालों के सभी कामों की जांच के निर्देश दिए थे। इसके लिए छह तकनीकी समिति बनाई गई। इनमें मंडल के तकरीबन सभी जिलों के विभिन्न विभागों के एई और जेई शामिल हैं। उप निदेशक अर्थ एवं संख्या अधिकारी को जांच क मेटी की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। वे सभी टीमों की रिपोर्ट को संकलित कर कमिश्नर को जांच रिपोर्ट सौपेंगे।
कमिश्नर के निर्देश के अगले ही दिन जांच टीम नगर निगम पहुंची थी मगर निगम ने पहले तो दस्तावेज अधिक होने की वजह से फोटो स्टेट में वक्त लगने की बात कह कुछ दिनों का समय मांग लिया। इसके बाद फिर निगम ने कुछ दस्तावेजों के पार्षद व ठेकेदारों के पास होने की बात कही थी मगर जब कमिश्नर ने सख्ती की तो निगम ने तकरीबन ज्यादातर कामों से जुड़ी फाइलें जांच टीम को मुहैया करा दी।