कैंपियरगंज इलाके से अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म और फिर नेपाल के वेश्यालय में बेचने का फर्जी आरोप लगाने वाली युवती के खिलाफ पुलिस झूठा मुकदमा दर्ज कराने का केस दर्ज करेगी। 182 तहत कार्रवाई के लिए पुलिस की ओर से विधिक राय मांगी गई है। युवती के फर्जी सूचना देकर केस दर्ज कराने की वजह से तीन बेगुनाहों को एक महीना एक दिन जेल में गुजारने पड़े।
\युवती ने दर्ज कराए गए केस में बताया था कि 13 अगस्त को उसका अपहरण हो गया। फिर सामूहिक दुष्कर्म कर उसे नेपाल के वेश्यालय में बेच दिया गया। पांच अक्तूबर को वेश्यालय के संचालकों के चंगुल से छूटी और फिर किसी तरह घर पहुंची। पुलिस ने युवती की तहरीर पर इंगलेश, धीरज यादव, अनिल और युवती के मौसेरे भाई के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, मानव तस्करी, अपहरण की धाराओं में केस दर्ज कर लिया था। पुलिस ने इस मामले में धीरज, अनिल और इंगलेश को दो नवंबर को जेल भेज दिया था।
फर्जी केस दर्ज कराने के मामले में पुलिस युवती के विरुद्ध केस दर्ज कर सकती है। इसमें 182 के तहत कार्रवाई की जाती है। पीड़ित भी चाहे तो केस दर्ज करा सकता है। धारा 211 के तहत सरकारी कर्मचारी को गलत सूचना देने का केस भी दर्ज किया जा सकता है।
- कृष्ण बिहारी दुबे, पूर्व अध्यक्ष, बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट
मामले में पुलिस को फर्जी सूचना देने के मामले में कार्रवाई की जाएगी। केस दर्ज करने के लिए विधिक राय मांगी गई है। जांच में साक्ष्य सही मिलने की वजह से बेगुनाह बचे हैं। जो दोषी है, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
- निर्भय नारायण सिंह, एसओ, कैंपियरगंज