केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थान और सरकारी नौकरी में आरक्षण की सुविधा अब यूपी के दिव्यांगों को भी मिलेगी। इसका एलान रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित दिव्यांगों के सहायक उपकरण वितरण समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी के दिव्यांगों को अब सरकारी नौकरियों में तीन के बजाय चार फीसदी आरक्षण मिलेगा। यह फैसला लिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों की दाखिला प्रक्रिया में पांच फीसदी आरक्षण देने का फैसला भी जल्द होगा। इस पर केंद्र सरकार ने पहले ही फैसला ले लिया है। अब यूपी में अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की तरफ से रविवार को गोरखपुर यूनिवर्सिटी में दिव्यांगों के उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने किया। 4115 लाभार्थियों को दो करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से बने 7542 सहायक उपकरण वितरित किए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगों के सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण काम किए हैं। अब तक देश में दिव्यांगों के लिए 6000 से ज्यादा उपकरण वितरण समारोह आयोजित किए जा चुके हैं। इसके तहत नौ लाख दिव्यांगों में 600 करोड़ की लागत से बने उपकरण बांटे गए हैं। कहा कि यूपी के करीब 42 लाख दिव्यांगों के सामाजिक, आर्थिक सुधार पर भी जोर दिया जा रहा है। यूपी सरकार ने दिव्यांगों की मासिक पेंशन 300 से बढ़ाकर 500 रुपये कर दी है। इसका खर्च भी यूपी सरकार उठा रही है।
हर सोमवार को बनाएं विकलांग प्रमाण पत्र
मुख्यमंत्री ने यूपी के सभी जिलाधिकारी और सीएमओ से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि हर सोमवार को विकलांग प्रमाण पत्र बनाए जाएं। साथ ही प्रमाण पत्रों का वितरण भी कराया जाए। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संसदीय क्षेत्रों में मुफ्त मिलेगी मोटराइज्ड ट्राई साइकिल
यूपी के 80 संसदीय क्षेत्रों में आठ हजार मोटराइज्ड ट्राई साइकिल नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर संसदीय क्षेत्र के 100-100 दिव्यांगों को मोटरराइज्ड ट्राई साइकिल दी जाएगी। इस श्रेणी की एक ट्राई साइकिल के निर्माण पर 37 हजार रुपये खर्च होते हैं। इस पर केंद्र सरकार भारी सब्सिडी देती है। खर्च में राज्य सरकार का जो भी हिस्सा होगा, उसका निर्वहन किया जाएगा। बैटरी चालित ट्राई साइकिल मिलने से दिव्यांगों का जीवन स्तर सुधरेगा। वह आगे बढ़ सकेंगे।
70 किलोमीटर तक फरार्टा भरेगी ई- ट्राईसाइकिल
गोरखपुर। दिव्यांगों को मिली मोटरराइज्ड ट्राईसाइकिल (ई-ट्राईसाइकिल) 70 किलोमीटर की रफ्तार से फर्राटा भर सकेगी। 80 फीसदी तक अपंगता के शिकार दिव्यांगों को ही ई-ट्राईसाइकिल दी जाती है। बैटरी से चलने वाली ये ट्राईसाइकिल एक बार में पूरा चार्ज होने पर 70 किलोमीटर तक जा सकती है। इसका वितरण ऐसे युवाओं या विद्यार्थियों को किया जाता है, जो शिक्षा पाना चाहते हैं या रोजगार करना चाहते हैं। ई-ट्राईसाइकिल के पीछे सामान रखने के लिए बॉक्स भी लगा हुआ है। वहीं फोल्डिंग हैंडिल भी लगाया गया है, ताकि दिव्यांगों को उतरने में कोई परेशानी ना हो। इसकी बैटरी की लाइफ दो साल है। वहीं एक साल की वारंटी है। कानपुर की एल्मिको कंपनी इसे तैयार करती है।
इंसेफेलाइटिस से दिव्यांग बच्चों के लिए बीआरडी में केंद्रीय पुनर्वास केंद्र
इंसेफेलाइटिस होने और इलाज के बाद शारीरिक, मानसिक विकलांगता झेल रहे बच्चों के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज में केंद्रीय पुनर्वास केंद्र बनाया जाएगा। इसका एलान भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को किया। केंद्र का संचालन भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंसेफेलाइटिस के नि:शुल्क इलाज और रोकथाम के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, फिर भी सैकड़ों बच्चों की जान जाती है। इलाज के बाद कई बच्चे शारीरिक और मानसिक विकलांगता का सामना करते हैं। पुनर्वास केंद्र की मदद से ऐसे बच्चों का जीवन सामान्य बनाने की कोशिश की जाएगी। उन्हें हर वह सुविधा दी जाएगी, जिससे वह आर्थिक, सामाजिक रूप से मजबूत हो सकें।
दहेज रहित शादी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी सरकार की मंशा दहेज रहित समाज और विवाह की है। इसीलिए सामूहिक विवाह का आयोजन कराया जा रहा है। इस योजना में लाभार्थियों को 37 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। समाज के हर तबके ने इस पहल का स्वागत किया है। अब सांसद, विधायक अपने क्षेत्र में जाएं और सरकारी मदद से सामूहिक विवाह की जानकारी दें। उम्मीद है बड़ी संख्या में लोग लाभ उठाएंगे।