दशरथ नाम के जिस शख्स के अपहरण और हत्या के मामले में दो लोग जेल जा चुके थे, उसके पिपराइच में जिंदा मिलने का दावा आरोपी कृष्णमोहन सिंह ने किया है। पिपराइच में दशरथ को देखकर कृष्णमोहन ने पुलिस को सूचना दी। पिपराइच थाने की पुलिस दशरथ को साथ ले गई और श्यामदेउरवा थाने में जानकारी दी। उसके बाद दशरथ को श्यामदेउरवा थाने से आए दरोगा शमशाद को सुपुर्द कर दिया गया।
24 नवंबर 2017 को महराजगंज के श्यामदेउरवा निवासी सोहरती देवी ने केस दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि छेदी सिंह और कृष्णमोहन सिंह पांच नवंबर 2017 को शाम को उनके बेटे दशरथ को लेकर गए थे। तब से दशरथ वापस नहीं आया। सोहरती देवी की ओर से आशंका जताने पर पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर लिया। बाद में दशरथ के न मिलने पर हत्या कर शव छिपाने के आरोप की भी धारा बढ़ा दी गई।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। दोनों आरोपी जमानत पर बाहर आए हैं। रविवार को कृष्णमोहन पिपराइच इलाके में आए थे। अचानक उनकी नजर सड़क किनारे बैठे दशरथ पर पड़ गई। वह उसके पास गए। नाम पूछा तो उसने दशरथ ही बताया। उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी, जिससे वह अपने बारे में ज्यादा नहीं बता पाया। आसपास के लोगों ने बताया कि वह कुछ समय से ऐसे ही घूमता था और लोगों से खाना मांगकर खाता था।