जिस मंडलीय कारागार में अभी कुछ दिन पहले डीएम और एसएसपी के छापे में सेट टॉप बॉक्स, चाकू, लाइटर जैसे सामान मिले थे उसी में मंगलवार की रात डीआईजी जेल ने जब छापा मारा तो बैरकों में मच्छरदानी और कई सुविधाएं मिलीं। इसपर उन्होंने जेलर को चेतावनी दी। डीआईजी ने छापे के दौरान सोते मिले दो बंदीरक्षकों और ड्यूटी छोड़कर घूमते मिले एक बंदीरक्षक को सस्पेंड कर दिया।
मंगलवार की देर रात डीआईजी जेल यादवेंद्र शुक्ल ने मंडलीय कारागार का निरीक्षण किया। अचानक जेल पहुंचने पर उन्हें अंदर से लेकर बाहर तक सुरक्षा में तैनात सिपाही लापरवाही बरतते मिले। अंदर जाने पर दो बंदी रक्षक बैरक के बाहर सोते मिले। डीआईजी को देख साथी बंदीरक्षकों ने जब उन्हें जगाया तो वे सफाई देने लगे।
थोड़ा आगे बढ़ने पर एक बंदीरक्षक अपनी ड्यूटी पर ही नहीं मिला। उनका बैठने का स्थान खाली देखकर जब डीआईजी ने पूछा तो पता चला कि बंदीरक्षक जेल के दूसरी तरफ बैठे हैं। डीआईजी ने उन्हें फटकार लगाते हुए जेलर से रिपोर्ट तलब की। उन्होंने बंदीरक्षक बृजमोहन तिवारी, मुन्ना लाल वर्मा और योगेश सिंह को ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने पर सस्पेंड कर दिया।