गोरखपुर-बस्ती के 462 पंपों से तेल और पुराने नोटों का हिसाब मांगा गया
गोरखपुर। गोरखपुर और बस्ती मंडल के पेट्रोल पंपों से पुराने नोटों का हिसाब मांगा गया है। इंडियन ऑयल के पंपों को आठ नवंबर से दो दिसंबर के बीच बेचे गए तेल और पुराने नोटों का हिसाब देना है। नोटबंदी के बाद बैतालपुर डिपो से ज्यादा तेल उठाने के बाद नोटिस जारी किया गया है। विभागीय नोटिस जारी होने के बाद से ही पेट्रोल पंप संचालकों में हड़कंप मचा है।
आठ नवंबर को पांच सौ और एक हजार के नोट बंद होने के बाद पेट्रोल पंपों समेत कई जगहों पर बड़े नोटों को चलाने कीे छूट थी। आशंका है कि इसी दौरान पंप संचालकों ने कालाधन खपाया। अचानक तेल की खपत बढ़ गई और पुराने नोट भी खजाने तक पहुंचने लगे। अब इन पंपों से जवाब मांगने के साथ ही तेल की उठान और नोटों का मिलान किया जा रहा है।
विभागीय अधिकारियों की मानें तो जिस पंप से जितना तेल उठाया गया है यदि उतनी रकम के पुराने नोट आए तो कोई दिक्कत नहीं है लेकिन कई ऐसे पंप हैं जहां ज्यादा खपत दिखाकर पुराने नोटों की हेराफेरी की गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने प्रवर्तन निदेशालय से पूरा ब्योरा मांगा है जिसके बाद इंडियन ऑयल की ओर से गोरखपुर के 120, देवरिया के 102, कुशीनगर के 85, महराजगंज के 60, बस्ती के 65, संतकबीरनगर के 30 पंप को नोटिस भेजा गया है। इंडियन ऑयल के एरिया मैनेजर चेतन पटवारी ने बताया कि पेट्रोल पंपों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। तेल की खपत बढ़ने से कोई दिक्कत नहीं है, मगर जितने का तेल बिका है, उतने का ही पुराना नोट मान्य होगा। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।