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तहरीर में खेल कर चहेते दरोगा को बचाया

Sat, 25 Jun 2016 01:29 AM IST
शिवम सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर।
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police - फोटो : अमर उजाला
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सपा के पूर्व जिला अध्यक्ष के पुत्र व जिला सचिव गोपाल यादव की पिटाई प्रकरण में बड़ा खेल उजागर हुआ है। तहरीर में व्हाइटनर (सफेदा) लगाकर दरोगा मृत्युंजय सिंह का नाम मुकदमे से हटा दिया गया, जबकि पीड़ित की ओर से दी गई तहरीर और पुलिस अफसरों द्वारा की गई कार्रवाई में उनका नाम शामिल था।
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सपा नेता के पिटाई प्रकरण में शासन तक हाए तौबा मच गई थी। इस मामले में एसएसपी तक सस्पेंड कर दिए गए, मगर पुलिस वालों ने तहरीर में जो खेल किया उस पर सभी ने चुप्पी साध रखी है। घटना के वक्त जटेपुर चौकी इंचार्ज रहे मृत्युंजय सिंह के नाम पर सफेदा लगाकर उन्हें बचा लिया गया। यही नहीं, उनकी जगह दरोगा अवधेश को मुल्जिम बना दिया गया। तहरीर के साथ फेरबदल तब किया गया जब तत्कालीन एसएसपी ने मूल तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था।

इतना ही नहीं, सस्पेंड किए गए सिपाही योगेश का भी नाम हटाकर तीन पुलिस कर्मचारी शब्द का इस्तेमाल किया गया है, जबकि पहले दिन मामला उजागर होने पर तीन चौकी इंचार्ज और एक सिपाही दोषी करार दिए गए थे। जटेपुर चौकी इंचार्ज मृत्युंजय सिंह, बेतियाहाता चौकी इंचार्ज दिनेश तिवारी, मोहद्दीपुर चौकी इंचार्ज नरेंद्र राय और सिपाही योगेश को सस्पेंड करते हुए इन पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया था। यही नहीं, इनका तबादले कर इन्हें जोन से बाहर भेज दिया गया। 
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तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज हुआ है। कार्रवाई और एफआईआर में नाम के बदलाव की जानकारी मिली है। जांच में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
- मोहित अग्रवाल, आईजी जोन
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