अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर।
बकाये का भुगतान नहीं करने पर सदर तहसील ने शनिवार को भी बड़ी कार्रवाई की। 45 लाख बिजली के बकाये पर सहारा इस्टेट का क्लब जहां सील कर दिया। वहीं, 14 लाख बिजली बकाये और मोटर एक्सीडेंटल केस के मामले में भुगतान नहीं करने पर दो लोगों को मंडलीय जेल भेज दिया। तीन और लोगों द्वारा मौके पर बकाये का भुगतान करने पर उन्हें छोड़ दिया गया। वहीं, अवैध खनन के मामले में सदर तहसील प्रशासन ने आठ डंपर सील कर पुलिस को सुपुर्द कर दिया।
सदर तहसीलदार सत्येंद्र सिंह के मुताबिक सहारा मोटर पंप, सहारा मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड और सहारा कॉमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड पर 45 लाख रुपये का बिजली का बकाया होने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और एसडीएम सदर राहुल पांडेय के नेतृत्व में तहसील प्रशासन ने शनिवार की दोपहर सहारा इस्टेट का क्लब सील कर दिया। टीम ने दो दिन के अंदर भुगतान न करने पर और बड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। इसके बाद टीम बशारतपुर स्थित सुनील तिवारी के घर पहुंची। उन पर बिजली बिल का 14 लाख बकाया था। टीम ने उन्हें हिरासत में लेकर शाम को मंडलीय जेल भेज दिया। इसके बाद टीम शक्तिनगर स्थित कमलेश पांडेय के घर पहुुंची। उनपर मोटर एक्सीडेंटल केस के मामले में पांच लाख की देनदारी थी। रुपये न देने पर टीम ने उन्हें भी जेल भेज दिया। इसी तरह भट्ठे की रॉयल्टी और परिवहन विभाग के करीब 10 लाख के बकाये पर तीन और लोगों पर कार्रवाई करने उनके घर पहुंची। मगर उन्होंने मौके पर ही भुगतान कर दिया। इसपर टीम ने उन्हें छोड़ दिया। उधर, देर शाम टीम ने सदर तहसील क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में अवैध खनन कर मिट्टी ले जाते आठ डंपर भी पकड़ा। सभी को संबंधित थाने के सुपुर्द कर दिया। बता दें कि बिजली बकाये पर ही करीब पखवारे भर पहले सहारा इस्टेट की बिजली काट दी गई थी, जिससे वहां पानी का संकट खड़ा हो गया था। लोगों की परेशानी देखते हुए डीएम ने सहारा इस्टेट की देखरेख करने वाली कमेटी को सप्ताह भर की मोहलत दी थी। इसके बाद भी कमेटी नहीं चेती तो सदर तहसील टीम ने शनिवार को यह कार्रवाई की।