चिलुआताल (गोरखपुर)। सिद्धार्थनगर में तैनात लेखपाल दुर्गेश अस्थाना (35) का बुधवार को रोहिन नदी में हत्या कर फेंका गया शव मिलने से सनसनी मच गई। उनकी पीठ पर बैग बंधा था जिसमें भारी पत्थर रखा गया था। वह चार दिनों से घर से लापता थे। शाहपुर पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर उनकी तलाश में जुटी थी। सूचना मिलने पर घरवालों ने शव की शिनाख्त की।
शाहपुर के राप्तीनगर फेज-1 निवासी दुर्गेश अस्थाना की तैनाती सिद्धार्थनगर के उस्का में थी। नौ नवंबर की शाम 7:30 बजे वह सिद्धार्थनगर से लौटे थे। इसके बाद कुछ जरूरी काम बताकर मानीराम जाने के लिए घर से निकले थे। बड़े भाई करुणेश ने बाइक से उन्हें बरगदवां पहुंचाया था। थोड़ी देर बाद दोनों की बात भी हुई थी लेकिन फिर उनका मोबाइल बंद हो गया। उधर, देर रात तक दुर्गेश के घर न लौटने पर परिवार वाले परेशान हो गए। हर संभावित ठिकाने पर संपर्क करने के बाद भी जब उनका पता न चला तो मंगलवार को घरवालों ने पुलिस को सूचना दी। शाहपुर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उनकी तलाश में थी इसी बीच बुधवार को द्वारिकापूरी कॉलोनी के पास रोहिण नदी में उतराया शव मिला। जेब में मिले पहचान पत्र के आधार पर उनकी पहचान दुर्गेश के रूप में हुई।
डीएम ने भी किया था फोन
मंगलवार को सिद्धार्थनगर के डीएम ने भी गोरखपुर के अफसरों को फोन कर दुर्गेश के संबंध में पता करने को कहा था। अब शव मिलने के बाद हत्या की वजह तलाशी जा रही है। हालांकि घरवाले किसी से भी दुश्मनी से इंकार कर रहे हैं।
छह महीने पहले हुई थी शादी
दुर्गेश की शादी 27 अप्रैल 2018 को सहजनवां के आनंद कुमार श्रीवास्तव की बेटी से हुई थी। 28 नवंबर को विदाई की तिथि तय थी।
लापता लेखपाल का शव बरामद हुआ है। पुलिस टीम लगी है। जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा। - शलभ माथुर, एसएसपी
परिवार को मिले मुआवजा और नौकरी : गौतम
गोरखपुर। लोकतांत्रिक जनता दल के प्रदेश महासचिव गौतम लाल श्रीवास्तव ने कहा कि दुर्गेश की गुमशुदगी दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने उन्हें खोजने में सक्रियता नहीं दिखाई। इसी बीच बुधवार को उनकी लाश मिली। उन्होंने शासन से हत्यारों को जल्द गिरफ्तार करने, पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और पत्नी या परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देने की मांग की।