चौरीचौरा से भाजपा विधायक संगीता यादव जेएनयू से पढ़ी हैं। सौम्य और सहज हैं। जब चाहे कोई मिल सकता है, लेकिन क्षेत्र के विकास और औद्योगिक स्वरूप बहाल करवाने की बात आती है तो जनता पूर्णांक देने को तैयार नहीं है। वह कहती है कि पिपराइच और धुरियापार चीनी मिल खुल गई, लेकिन सरदारनगर चीनी मिल का नंबर नहीं आया। क्षेत्र की एकमात्र चीनी मिल लंबे समय से बंद पड़ी है। पूर्वांचल का सबसे बड़ा चमड़ा उद्योग संकट के दौर से गुजर रहा है।
ऐतिहासिक धरोहर को संवारने वाले इस क्षेत्र के भोंपा बाजार से मुंडेरा बाजार की सड़क पर रेलवे क्रासिंग है, जहां अक्सर जाम लगता है। अंडरपास बनाने की मांग लंबे समय से चल रही है। कछार क्षेत्र में नाराजगी ज्यादा है। ये क्षेत्र ऐसे हैं, जहां बाढ़ और बंधा टूटने से तबाही मचती है। फसलें बर्बाद होती हैं। ब्रह्मपुर विकास खंड में कई गांव ऐसे हैं, जहां अब भी बाढ़, बारिश का पानी जमा है। खेती-किसानी चौपट है। किसान कहते हैं कि विधायक से रेग्युलेटर बनवाने की मांग की गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
आप कछार क्षेत्र में जाइए, फिर विकास की हकीकत देखने को मिलेगी। ब्रह्मपुर विकास खंड में जलभराव की जबरदस्त समस्या है। बारिश का पानी अभी तक नहीं निकला है। 1000 से ज्यादा किसान पिछले 15 सालों से परेशान हैं। कृषि योग्य भूमि अब ताल में तब्दील हो चुकी है। खेती-किसानी चौपट है। पहले रेग्युलेटर के जरिए पानी निकल जाता था। लोक निर्माण विभाग ने बंधे पर सड़क बनवाई तो जलनिकासी प्रभावित हो गई। यह मामला विधायक के संज्ञान में है, फिर भी कुछ नहीं हुआ। कुछ काम नहीं हुआ और आप नंबर देने की बात करते हैं।
राजेश राय, इटौवा
आप ही देखिए। ये करमहा से सरदारनगर रेलवे स्टेशन जाने वाली सड़क है। 200-300 यात्री रोज आते-जाते हैं। एक किलोमीटर की दूरी तय करना कठिन हो जाता है। चार किलोमीटर घूमकर रेलवे स्टेशन पहुंच पाते हैं। चुनाव से पहले विधायक जी आई थीं लेकिन जीतने के बाद से नहीं दिखीं। मोदी-योगी के नाम पर वोट दिया था। आप नंबर देने की बात कर रहे हैं। मन तो नहीं कर रहा, लेकिन 10 में से एक नंबर दे सकता हूं।
नर्वदेश्वर पांडेय, फुटहवा
आप विधायक को नंबर देने की बात कर रहे हैं। अपनी आंख से ही देखिए। परिवार के साथ झोपड़ी में गुजर-बसर कर रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास तक नहीं मिला। विधायक, खंड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी से गुहार भी लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गरीब परेशान है। किसी तरह दो जून की रोटी का इंतजाम हो पाता है। नेता अपने में मस्त हैं। एक भी नंबर नहीं देना है।
कन्या देवी, पन्सरही
जनप्रतिनिधि की बात पर भरोसा करें तो कैसे। राप्ती नदी और गोर्रा नदी के किनारे बंधे की मरम्मत लंबे समय से लटकी है। नदियों का जलस्तर जैसे बढ़ता है, वैसे ही 52 गांव जलमग्न हो जाते हैं। खेती-किसानी सब चौपट हो जाती है। बंधा देखने के लिए विधायक कई बार आ चुकी हैं। जब भी आती हैं, बंधे की मरम्मत का वादा करतीं हैं। खोखले वादे से कछार की जनता नाराज है। विधायक हैं, इसलिए शून्य नहीं दे सकता। 10 में से 4 नंबर ही देना है।
रामसमुझ, सेमरौना
विधायक सहज और शालीन हैं। कोई भी उनसे मिल सकता है। मैं, बताऊं अमहिया से भइसहिया टोला में झंगहा से राजधानी की लिंक सड़क बेहद खराब थी। विधायक जी के संज्ञान में मामला आया तो तुरंत विधायक निधि से आरसीसी सड़क बना दी। अब इस क्षेत्र के लोग आसानी से आते-जाते हैं। कामकाज बहुत अच्छा है। अभी ढाई साल का कार्यकाल पूरा हुआ है, इसलिए 10 में से आठ नंबर दूंगा।
सत्येंद्र मौर्य, अमहिया
आपके सामने बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। देखिए, रंग-रोगन कितना अच्छा है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हैं। रात में डॉक्टर रुकते ही नहीं हैं। कछार क्षेत्र की जनता को कोई दिक्कत होती है तो वे प्राइवेट अस्पताल भागकर जाते हैं। स्वास्थ्य केंद्र परिसर में जो हैंडपंप लगा है, वह लंबे समय से खराब है। विधायक ने स्वास्थ्य सुविधाओं के कायाकल्प का भरोसा दिया था, जो अभी तक पूरा नहीं हो सका। 10 में से 5 नंबर दे सकते हैं।
चंद्रिका, झंगहा
गंगा प्रसाद इंटर कॉलेज से सेंट्रल एकेडमी चौरीचौरा जाने वाली वाली सड़क खराब है। 150 मीटर सड़क लगभग गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। नगर पंचायत, ग्रामसभा भोंपा और डुमरी खुर्द से विद्यार्थी रोज आते हैं। ऐसे में दिक्कत होती है। आप ही देखिए, स्कूल के पास ही कूड़ा फेंका गया है। यह स्वच्छता अभियान को चिढ़ाने जैसा है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। विधायक से कोई भी मिल सकता है। 10 में से 7 नंबर दिया जा सकता है।
संजीव कुमार श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य सेंट्रल एकेडमी
विधायक जी तरकुलहा मंदिर पूजा करने आती हैं। तरकुलहा से पासी टोला जाने वाला खड़ंजा लंबे समय से टूटा है। इससे आवागमन मुश्किल रहता है। पेयजल आपूर्ति के लिए ओवर हेड टंकी बनाई गई, जो बेकार पड़ी है। जब चुनाव था, तब विधायक ने विकास का बेहतर वादा किया था। चुनाव जीतने के बाद से क्षेत्र में नहीं देखा है। सबको आवास देने का दावा भी खोखला है। तमाम ऐसे परिवार हैं, जो अब भी झोपड़ी में रहते हैं। आप विधायक को नंबर देने की बात कर रहे हैं, कैसे दे दूं?
महातम यादव, भरतपुर
विपक्ष की बात
बाढ़ और बंधा टूटने के दौरान भी क्षेत्र की जनता को स्थानीय विधायक का साथ नहीं मिला था। इसका खामियाजा अगले चुनाव में जरूर भुगतना पड़ेगा। जनता नाराज है, इसीलिए विधायक जी क्षेत्र में ज्यादा नहीं जाती हैं। आप गांव में जाइए और देखिए, सड़कें कितनी खराब हैं। चौरीचौरा क्षेत्र का औद्योगिक अस्तित्व संकट में है।
पूर्वांचल की सबसे बड़ी चमड़ा मंडी खत्म होने के कगार पर है। ढाई साल का कार्यकाल बीत गया, लेकिन एक भी नई औद्योगिक इकाई स्थापित नहीं हुई है। सरदारनगर की चीनी मिल बंद है। पिपराइच और धुरियापार की चीनी मिल चल गई है लेकिन सरदारनगर चीनी मिल के लिए कोई योजना नहीं है। इन मामलों को विधायक ने कभी विधानसभा में उठाया है, इसकी जानकारी मुझे तो नहीं है। देवरिया से गोरखपुर की सड़क बेहद खराब है, यह कब से बनेगी, यह कोई नहीं बताता। चौरीचौरा से आगे देवरिया रोड पर रेलवे क्रासिंग पर अधूरा ओवरब्रिज बनवाकर छोड़ दिया गया। इससे जाम की जबरदस्त समस्या रहती है।
मनुरोजन यादव, पूर्व प्रत्याशी व सपा नेता
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चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र में 3.84 लाख मतदाता हैं। सरदारनगर और ब्रह्मपुर विकासखंड के सभी मतदाता इस क्षेत्र से जुड़े हैं। खोराबार और पिपराइच विकास खंड आंशिक रूप से जुड़े हैं।
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विधायक की बात
सवाल: क्षेत्र की एकमात्र चीनी मिल चलेगी या नहीं?
जवाब: आपको बताएं, सरदारनगर चीनी मिल का प्रबंधतंत्र इसे चलाना नहीं चाहता है। इस सिलसिले में मुख्यमंत्री से बात हुई थी। मुख्यमंत्री ने चौरीचौरा में खाद्य प्रसंस्करण यूनिट लगवाने का भरोसा व आश्वासन दिया है। ऐसा हुआ तो औद्योगिक विकास को रफ्तार मिलेगी। इस क्षेत्र की महिलाओं ने जूट उद्योग में काफी अच्छा काम किया है।
सवाल: ढाई साल में क्या विकास कार्य कराए, कुछ बता सकती हैं?
जवाब: जी जरूर। विधानसभा चुनाव में जो वादे किए थे, वे ढाई साल में पूरे हो गए हैं। मिनी स्टेडियम बनकर तैयार हो गया। दो बिजली उपकेंद्र मिल गए। क्षेत्र की ज्यादातर सड़कें चौड़ी करा दी गई हैं। दो और फ्लाई ओवर बनने वाले हैं। 70 करोड़ की लागत का एक और प्रोजेक्ट जल्द मिलने वाला है। प्राथमिक शिक्षा बेहतर हुई है। 10 विद्यालयों को तो हमने ही गोद लिया है। 15 दिन में एक बार जनता दरबार लगाकर समस्याएं सुनती और उनका समाधान करती हूं। शहीद स्मारक के लिए दो करोड़ रुपये का बजट मिल चुका है।
सवाल: कछार क्षेत्र में जलभराव अब भी है। वहां की जनता नाराज है। आप क्या कहेंगी?
जवाब: बंधे तो ठीक कराए गए हैं। भगने में ड्रेजिंग कराके नदी की धारा मोड़ी जा रही है। यही काम बरही में भी कराया जा रहा है। कछार क्षेत्र के गौबडौल में आईटीआई खुलवाई गई है। इससे तकनीकी शिक्षा का स्तर बढ़ेगा। दो जगह रेग्युलेटर लगवाने की पहल की गई है। इस संबंध में मंत्री से बात भी हुई थी। जल्द ही सकारात्मक फैसला आने की उम्मीद है। सिंहोरवा या फिर बरही में से एक जगह ओवर ब्रिज बनाने की कवायद चल रही है।
सवाल: क्षेत्र की समस्या को लेकर सदन में कितने मामले उठाए, कुछ बताएंगी?
जवाब: देखिए, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ क्षेत्र के विकास को लेकर प्रतिबद्ध हैं। ज्यादातर मामले मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाए जाते हैं। इसका समाधान भी हो जाता है। अब तक विधानसभा में तीन मामले उठाए हैं। सड़क से संबंधित मामला पूरा हो गया। दूसरा मुद्दा बंधों को मजबूत बनाने का था। नहरों की टेल तक सफाई हो गई है। कुछ बंधों को मजबूत बनाने का काम जल्द पूरा होगा। बिजली और पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था बेहतर है।