सिख समाज ने खालसा साजना यानी वैसाखी का पर्व बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास केवातावरण में मनाया। इस अवसर पर गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा जटाशंकर में भव्य सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें हजूरी रागी जत्थों के अलावा पंजाब व दिल्ली से आए कीर्तनी जत्थों और धर्म प्रचारकों ने गुरुवाणी की प्रस्तुति से माहौल में भक्ति रस घोल दिया और गुरु के बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
गुरुपर्व की शुरुआत सुबह आठ बजे केशरी निशान साहिब के वस्त्र बदलने की सेवा से हुई। उसके बाद सत्संग समागम का सिलसिला चला। इसमें माई कोला भलाई केंद्र अमृतसर के रागी भाई सुरेंद्र सिंह, दिल्ली से आए कथावाचक ज्ञानी रोहिताश्व सिंह, हजूरी रागी भाई प्रीतम सिंह, हेड ग्रंथी ज्ञानी लखविंदर सिंह और गुरुद्वारा मोहद्दीपुर के रागी भाई सुरजीत सिंह निमाना के जत्थे ने गुरुवाणी का गायन किया। इस दौरान ‘जो बोले सो निहाल’ के जयकारे से गुरुद्वारा गूंजता रहा।
शाम चार बजे अरदास के साथ दिन के कार्यक्रम का समापन हुआ। शाम सात बजे एक बार भी संगत सजी। अंत में लंगर वितरण किया गया। संरक्षक निर्मल सिंह व अध्यक्ष जसपाल सिंह ने सर्व संगत के प्रति आभार ज्ञापित किया। संचालन मीडिया प्रभारी जगनैन सिंह नीटू का रहा। इस दौरान हरबंस सिंह, चरनप्रीत सिंह मौंटू, तेजिंदर सिंह, जतिंदर सिंह, राजेंद्र सिंह चड्ढा, देवेंद्र सिंह, गैरी सिंह, सतपाल सिंह कोहली, केशव दास, मनमोहन सिंह लाडे, परमजीत सिंह, चार्ली आदि मौजूद रहे।
सदर सांसद व विधायक भी शरीक हुए
वैशाखी पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में सांसद आदित्यनाथ और नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल भी शरीक हुए। महंत आदित्यनाथ ने कहा कि खालसा पंथ भारत की शान है। देश पर जब भी कोई संकट आया है, गुरु के खालसों ने दुश्मनों से मुकाबला किया। नगर विधायक ने कहा कि देश की आजादी व विकास में सिखों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
सम्मानित किए गए अतिथि
कार्यक्रम के अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंध समिति ने कई लोगों को शाल व सिरोपा देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में कालीबाड़ी के महंत रवींद्र दास, पार्षद रवींद्र प्रताप सिंह राजू, साहित्यकार उदयवीर सिंह, राजेंद्र सिंह बैस और जसविंदर कौर शामिल रहे।