प्राइवेट स्कूलों में मनमानी फीस वसूली के विरोध में डीएम दफ्तर पर प्रदर्शन करते अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता।
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निजी स्कूलों में फीस वृद्धि, किताब-कॉपी व ड्रेस में कमीशनखोरी के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने डीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की। ऐसा न होने पर भविष्य में आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
प्रांत मंत्री राकेश मौर्य ने कहा कि प्रतिवर्ष निजी स्कूलों में फीस में वृद्धि कर दी जाती है। जिससे अभिभावकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। फीस के साथ ही अब स्कूल से कॉपी-किताब भी दिया जा रहा है। डील वाले दुकानों से ही ड्रेस लेने की अनिवार्यता कर दी गई है। कमीशनखोरी में शहर के अच्छे स्कूल प्रबंधन भी शामिल हैं। इससे अभिभावकों का बजट गड़बड़ा जा रहा है।
महानगर मंत्री उमेश कुमार सूर्यांश ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों में हो रहे बाजारीकरण को बंद कराया जाना चाहिए। फीस को लेकर एक स्लैब प्रशासन तय कराए ताकि लूट खसोट न हो सके। उन्होंने कहा कि बहुत सारे स्कूल बगैर मान्यता के चल रहे हैं। इसमें अधिकारियों की भी मिलीभगत है। जांच कराकर कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस अवसर पर राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य शांतनु श्रीवास्तव, नेहा मणि, सिद्धार्थ कुशवाहा, अमित राव, नवनीत शर्मा, दिवाकर, चन्द्रेश शर्मा, रवि प्रकाश माझी, अभिषेक कुशवाहा आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।