चरगांवा फीडर बंद होने की वजह से मेडिकल कालेज के आसपास के करीब डेढ़ दर्जन मोहल्लों में पूरे दिन बिजली गुल रही। इन इलाकों में सुबह दस बजे से गुल रही बिजली शाम को सात बजे आई। करीब नौ घंटे की कटौती की वजह से हजारों उपभोक्ता इस भीषण गर्मी में बिलबिलाते रहे।
कई इलाकों में पेयजल का भी संकट पैदा हो गया। यही नहीं बृहस्पतिवार को भी इन क्षेत्रों में दिन भर बिजली नहीं रहेगी। ऐसे में उपभोक्ताओं को पीने के पानी आदि की सुबह ही व्यवस्था कर लेनी होगी।
दरअसल स्काडा योजना के तहत बृहस्पतिवार को चरगांवा फीडर से जुड़े इलाकों में जर्जर हो चुके तारों को बदला जाना था। महकमे ने इसी के लिए शटडाउन ले लिया। इस कटौती को लेकर पूर्व में कोई सूचना नहीं दी, इससे उपभोक्ताओं में भारी गुस्सा था।
उनका कहना था कि महकमा पहले अलर्ट कर देता तो वे तैयार रहते और बिजली से जुड़े जरूरी काम पहले ही निपटा लेते। महकमे की इस कार्यप्रणाली को लेकर कई इलाकों से शिकायतें आ रही हैं। हाल ही में रुस्तमपुर, टाउनहाल आदि फीडरों से जुड़े कुछ जर्जर हो चुके पोल को बदलते वक्त भी चार घंटे तक बिजली काटी गई मगर इसकी पूर्व में कोई सूचना नहीं दी गई।
तार बदलने की वजह से जो इलाके प्रभावित हुए उनमें चरगांवा, संध्या विहार, सेमरा नंबर एक, सेमरा नंबर दो, मुगलहा, जनता इंटर कालेज के पीछे का इलाका, इंदिरानगर आदि शामिल हैं। तार बदलने का काम पूरा नहीं हो पाने की वजह से बृहस्पतिवार को भी इन इलाकों में सुबह दस बजे से शाम तक के लिए बिजली कटी रहेगी।