गोरखपुर। प्रादेशिक विकास सेवा (पीडीएस) के अफसरों की तैनाती अब सीडीओ व जेडी के पदों पर भी की जाएगी। अभी तक इन्हें जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) और परियोजना निदेशक (पीडी) के तक की ही जिम्मेदारी दी जाती थी। नई व्यवस्था के लिए प्रदेश के 28 जनपदों का चयन किया गया है। फिलहाल, इन जिलों में सीडीओ के पद खाली नहीं है जैसे ही पद खाली होंगे पीडीएस संवर्ग के अफसरों को तैनात किया जाएगा।
नई व्यवस्था में गोरखपुर-बस्ती मंडल के तीन जिले भी शामिल हैं। इसके अलावा 18 मंडलों में संयुक्त विकास आयुक्त के पद पर भी इसी संवर्ग के लोग तैनात होंगे। पीडीएस संवर्ग के लोगों की लंबे समय से मांग थी कि सीडीओ के पदों पर भी उनकी तैनाती की जाए। 29 अक्टूबर 2013 को कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि पीडीएस संवर्ग के अफसरों को सीडीओ का पद भी दिया जाएगा। बीते 26 अगस्त को प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव संजय कुमार सिंह यादव ने प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास को पत्र लिखकर आग्रह किया कि गत वर्ष पीडीएस संवर्ग के लिए जो सैद्धांतिक सहमति बनी है उस पर अमल करने की जरूरत है। प्रदेश के 28 जिलों में सीडीओ व 18 मंडलों में संयुक्त विकास आयुक्त के पद पर पीडीएस संवर्ग के अधिकारी तैनात किए जाएं।
इन जिलों में बनाए जाएंगे सीडीओ
संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, महोबा, चित्रकूट, श्रावस्ती, शामली, ललितपुर, बागपत, संत रविदासनगर, अमरोहा, कासगंज, हाथरस, पीलीभीत, हमीरपुर, औरैया, फरुर्खाबाद, एटा, कौशांबी, बांदा, झांसी, कन्नौज, सोनभद्र, संभल, बलरामपुर, अंबेडकरनगर, चंदौली और जालौन।
तो वैकल्पिक पदों पर तैनाती होगी
सीडीओ या संयुक्त विकास आयुक्त के पदों पर पीडीएस संवर्ग के अफसरों की तैनाती के साथ शर्त रखी गई है कि यदि इन जगहों पर आईएएस या पीसीएस संवर्ग के अफसर की तैनाती की जाती है तो पीडीएस संवर्ग के अफसर स्वत: कार्यमुक्त हो जाएंगे। इसके बाद उनकी तैनाती ग्राम्य विकास विभाग द्वारा वैकल्पिक पदों पर की जाएगी।