गोरखपुर। ग्रामप्रधान चुनाव के दो चरणों में जिस तरह से वोट पड़े, उससे लग रहा था कि तीसरे चरण में और अधिक मतदान होगा, पर इस बार मतदाताओं ने पहले की अपेक्षा कम उत्साह दिखाया। यही वजह है कि तीसरे चरण में 65 प्रतिशत ही वोट डाले जा सके । इस बार 359 ग्रामसभाओं के प्रधानों को चुनने के लिए सवा सात लाख मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
तीसरे चरण के चुनाव में गगहा, पिपरौली, खजनी, बासगांव, कौड़ीराम ब्लॉकों के 358 ग्रामसभाओं में प्रधान पद के लिए 2861 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। यहां 724418 मतदाताओं को वोट डालना था। इनमें से 65.42 प्रतिशत मतदाताओं ने ही वोट डाले। पहले चरण के चुनाव में 68 प्रतिशत, जबकि दूसरे चरण में 70.6 प्रतिशत मतदान हुआ था।
उसकी तुलना में तीसरे चरण में 65 प्रतिशत मतदान होना यह दर्शाता है कि अबकी बार मतदाताओं ने वोटिंग में कम रुचि दिखाई। शनिवार को जब वोटिंग शुरू हुई तो सर्वाधिक 9 प्रतिशत मतदान सुबह के दो घंटे में हुआ। 9 बजे के बाद रफ्तार बढ़ी तो 11 बजे तक मतदान तिगुना हो गया।
एक बजे तक 48 और तीन बजे तक मतदान लगभग 59 प्रतिशत हो गया, पर उसके बाद मतदाताओं के बूथ पर आने की गति नहीं के बराबर रही। अंत तक जाते-जाते मतदान 65.42 प्रतिशत पर आकर रुक गया।
शनिवार को जिन ब्लाकों में वोट डाले गए उनमें से अधिकतर ब्लाक एन एच 29 के किनारे वाले थे। माना जाता था कि बांसगांव, गगहा, कौड़ीराम जैसे ब्लाकों में चुनाव के दौरान अधिक विवाद होगा, प्रशासन की तरफ से इसे रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम भी किए गए थे।
अतिसंवेदनशील और अतिसंवेदनशील प्लस बूथों पर कड़ी सुरक्षा की गई थी, पर इन सब के बावजूद सभी शंकाएं निर्मूल साबित हुईं और अधिकतर स्थानों पर मतदाताओं ने शांतिपूर्वक