गोरखपुर। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में 18वें आरक्षी सामान्य बैच की दीक्षांत परेड में आरक्षी 319 जवानों ने देश सेवा की शपथ ली। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एसएसबी कार्मिक एवं प्रशिक्षण महानिरीक्षक रेणुका मिश्रा रहीं।
कार्यक्रम में डीआईजी ट्रेनिंग पीएस चुण्डावत ने प्रशिक्षण के बारे में बताया कि प्रशिक्षण केंद्र की ओर से आरक्षी के 18वें बैच ने बुनियादी प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। इस बैच में कुल 319 आरक्षी हैं।
जिस प्रकार सोना अग्नि में तपकर कुंदन बनता है, वैसे ही कठिन बुनियादी प्रशिक्षण के बाद ही एक संपूर्ण सैनिक तैयार होता है। 44 सप्ताह की ट्रेनिंग में जवानों को कठिन परिश्रम के साथ साथ, ड्रिल, अस्त्र-शस्त्र प्रशिक्षण, युद्ध कौशल, मैप रीडिंग, सीमा प्रबंधन जैसे वाह्य विषयों में पारंगत किया गया है।
इसके अलावा इन्हें बल अधिनियम, कंप्यूटर ज्ञान एवं भारतीय संविधान और भारतीय दंड संहिता जैसे विषयों की भी जानकारी दी गई है। परेड की सलामी लेने के बाद मुख्य अतिथि रेणुका मिश्रा ने कहा कि गोरखपुर में पहली बार आने का मौका मिला। अधिकारियों की ओर से ट्रेनिंग में जो मेहनत की गई है, जवानों की शानदार परेड में वह साफ दिखा। रेणुका ने कहा कि वह भाग्यशाली होते हैं जिन्हें वर्दी पहनकर देश सेवा का मौका मिलता है।
राम सिंह को पुरस्कृत किया गया
परेड के बाद मुख्य अतिथि ने सर्वश्रेष्ठ वाह्य क्रियाकलाप और संपूर्ण प्रशिक्षण काल में सभी विधाओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए राम सिंह को पुरस्कृत किया गया। आंतरिक क्रिया कलापों का पुरस्कार कटूस बालासाहेब को, सर्वश्रेष्ठ ड्रिल व टर्नआउट के लिए बोंडे भूषण को, सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण व खेलकूद के लिए स्तान्जन गुरमीत और सर्वश्रेष्ठ निशानेबाजी के लिए अखिलेश त्रिपाठी पुरस्कृत हुए।
जवानों की दिलेरी से लोग अचंभित
शानदार परेड के बाद जवानों के हैरतअंगेज कर्त्तव्यों ने सभी का दिल जीत लिया। पहले जवानों ने मांस पीटी का प्रदर्शन किया। फोर ह्यूमन पिरामिड एवं समुद्र की लहरों का विहंगम दृश्य देखते ही बनता था। एक जवान ने अपने हांथों से पत्थर तोड़कर सभी को अचंभित कर दिया। कार्यक्रम में जवानों ने अलग-अलग कराटे की विधाओं का भी प्रदर्शन किया। एक हाथ से, आंख बंद करके और दोनों हाथों से हथियार खोलने की कला प्रदर्शित की। सीमांत लखनऊ के ब्रास व पाईप बैंड ने उत्कृष्ठ प्रदर्शन किया।
विकट परिस्थितियों में संयम बरतने का निर्देश : रेणुका
नेपाल मित्र देश है और हमेशा भारत का मित्र रहेगा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) कार्मिक एवं प्रशिक्षण महानिरीक्षक रेणुका मिश्र ने कहा कि वर्तमान समय में एसएसबी के सामने भारत-नेपाल के बीच सदियों पुरानी दोस्ती को कायम रखने में बड़ी चुनौती है। नेपाल बार्डर पर स्थिति सामान्य नहीं है। बावजूद इसके जवानों अच्छा काम कर रहे हैं। दोनों देश की जनता को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका ख्याल रखने का निर्देश दिया गया है।
एसएसबी ट्रेनिंग सेंटर में 18वें बैच के दीक्षांत समारोह में शिरकत करने आई रेणुका मिश्र ने बताया कि वर्तमान समय में नेपाल को लेकर हम सतर्कता बरत रहे हैं। प्रयास में इस बात का खास ख्याल रखा जा रहा है कि बार्डर पर एसएसबी की तरफ से किसी तरह की भी गलती नहीं की जाए।
नेपाल पुलिस की ओर से एसएसबी जवानों को बंधक बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कभी-कभी गलतफहमी में गलतियां हो जाती हैं। रेणुका ने बताया कि जवानों के प्रशिक्षण में नई नई तकनीकी का इजाफा किया जा रहा है, जिससे प्रशिक्षण के बाद जवान हर स्थिति से निपट सकें। रेणुका ने बताया कि एसएसबी ट्रेनिंग सेंटर को और सुविधा मुहैया करवाई जाएंगी।