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भारत में स्मृति चिह्न लेकर विवादों में घिरे नेपाली सांसद

Thu, 11 Oct 2018 10:34 PM IST
siddharthnagar
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नौ अक्तूबर को केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल हुए थे नेपाल के युवा सांसद - फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर/कपिलवस्तु। भारत में आयोजित कार्यक्रम में स्मृति चिह्न स्वीकार करने पर नेपाली सांसद अभिषेक प्रताप शाह विवादों में घिर गए हैं। नेपाली मीडिया और उनके संसदीय क्षेत्र के लोग उनकी तीखी आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि सांसद ने स्मृति चिह्न लेकर गलत किया है, क्योंकि उस पर भगवान बुद्ध की जन्मस्थली सिद्धार्थनगर लिखा गया है। साथ ही सांसद ने दूसरे देश के कार्यक्रम में शिरकत करने से पूर्व नेपाल सरकार से अनुमति नहीं ली।
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नेपाल के कपिलवस्तु संसदीय क्षेत्र नंबर तीन के युवा सांसद अभिषेक प्रताप शाह नौ अक्तूबर को शोहरतगढ़ के छतहरी में मुख्यमंत्री योगी आदत्यिनाथ और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कार्यक्रम में बतौर विशिष्टि शामिल हुए थे। इस दौरान उन्हें एक स्मृति चिह्न दिया गया था। जिस पर लिखा गया है कि बुद्ध की जन्मस्थली जनपद सिद्धार्थनगर में है। विरोध इसी बात को लेकर है। नेपाल के लोग अपने सांसद द्वारा स्मृति चिह्न स्वीकार करने को गलत बता रहे हैं। नेपाल के कई प्रमुख समाचार पत्रों ने इस पर बाकायदा लेख लिखे हैं। उनका कहना है कि सांसद अथवा किसी उच्च पद पर बैठे व्यक्ति के भारत अथवा किसी अन्य देश के कार्यक्रम में शामिल होने से पहले अपनी सरकार को जानकारी देनी चाहिए थी। अभिषेक प्रताप शाह ने ऐसा न करके गलत किया है।
उधर, शाह ने कहा है कि वह व्यक्तिगत संबंध की वजह से कार्यक्रम में शामिल हुए थे। अगर उन्हें आगे भी बुलाया गया तो वे जरूर जाएंगे। नेपाली सांसद ने कहा कि उन्होंने कार्यक्रम में कोई बयान नहीं दिया। उन्हें आमंत्रित किया गया था इसलिए वह कार्यक्रम में शामिल हुए थे। ऐसे में अगर उन्हें स्मृति चिह्न दिया जाता है तो उसे स्वीकार करना गलत नहीं है। शाह ने कहा है कि उनकी लोकप्रियता की वजह से कुछ लोग उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। बता दें कि कपिलवस्तु जिला भारत के बढ़नी और अलीगढ़वा बार्डर से सटा हुआ है।
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क्या है विवाद
भगवान बुद्ध की जन्मस्थली नेपाल के लुंबिनी में है, जो भारत के ककरहवा बॉर्डर से महज सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सिद्धार्थनगर स्थित कपिलवस्तु को तथागत बुद्ध की धरती कहा जाता है। इस पर पूर्व में भी विवाद उठ चुका है। नेपाली सांसद अभिषेक प्रताप शाह को जो स्मृति चिह्न दिया गया है, उस पर बुद्ध की जन्मस्थली सिद्धार्थनगर लिखा हुआ है। नेपाली की मीडिया और लोग इसी बात का विरोध कर रहे हैं।
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