लोटन क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय तरघौना में अग्निशमन यंत्र नहीं है।
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सिद्धार्थनगर। जिले के परिषदीय स्कूलों में आग बुझाने के इंतजाम नहीं है। यह हाल तब है जब विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बनाने के लिए सिलेंडर का प्रयोग हो रहा है और विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र लगवाने के निर्देश दिए गए थे। पिछले 15 दिनों में भोजन बनाने के दौरान आग लगने की दो घटनाएं हो भी चुकी हैं। बावजूद जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। शायद उन्हें किसी बड़े हादसे का इंतजार है।शासन का आदेश है कि स्कूलों में अग्निशमन यंत्र लगवाया जाए। बावजूद इसके जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यह हाल जिले के अधिकांश स्कूलों का है। जिले में 1924 प्राथमिक व 786 पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। यहां करीब 2 लाख 82 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें मध्याह्न भोजन सिलेंडर पर बनता है। हाल ही में आग लगने की दो घटनाओं के बाद भी आग से बचाव की ओर ध्यान नहीं दिया गया। यही नहीं किसी भी स्कूल में स्वयं संज्ञान लेते हुए आग से बचाव के लिए बाल्टी में बालू रखे जाने या अन्य साधनों की भी व्यवस्था नहीं की।
केस एक
पाइप फटने से लगी आग
एक सप्ताह पूर्व सदर ब्लॉक के पूर्व माध्यम विद्यालय जगदीशपुर ग्रांट मेें खाना बनाते समय गैस सिलिंडर का पाइप फट जाने से आग लग गई थी। इस घटना में खाना बना रही रसोइया ममता देवी पुत्री बेचन प्रसाद और मानती पत्नी किशोरी आग से झुलस गई थी। घंटों कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। गनीमत रही कि बच्चों को समय से कमरे से बाहर निकाल दिया गया।
केस दो
रसोइया झुलसी
नौ अक्तूबर को त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बिस्कोहर द्वितीय में खाना बनाते समय गैस सिलिंडर का पाइप निकल जाने से आग लग गई। इससे खाना बना रही राधा देवी झुलस गई। शिक्षक धर्मेंद्र कुमार ने बहादुरी दिखाते हुए आग बुझाई। इससे घंटों स्कूल में अफरा-तफरी मची रही। इस विद्यालय में भी अग्निशमन यंत्र और अन्य वैकल्पिक उपाय की व्यवस्था नहीं थी।
अग्निशमन यंत्र लगाने के लिए शासन से आदेश आया था। धनराशि के अभाव के कारण अग्निशमन यंत्र नहीं लगवाया जा सके। इसके लिए विभागीय उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जाएगा, जिससे की विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र लग सके।
- राम सिंह, बीएसए
2009 में सुप्रीम कोर्ट ने प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में अग्निशमन यंत्र लगाने के आदेश दिए थे। इसके तहत हर स्कूलों में अग्निशमन यंत्र लगना अनिवार्य है। अगर ऐसा नहीं है तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना की जा रही है।
- एके सिंह, सीएफओ
प्रधानाध्यापक बोले, मांग के बाद भी नहीं मिला अग्निशमन यंत्र
भनवापुर ब्लॉक के मॉडल प्राथमिक विद्यालय प्रथम के प्रधानाध्यापक अभ्यंकर सिंह ने कहा कि विद्यालय में अग्निशमन यंत्र रखने की सूचना नहीं है। अगर इसे रखना अनिवार्य है तो वे विभाग से इसकी मांग करेंगे। वहीं प्राथमिक विद्यालय डेगहर की इंचार्ज अरुणेश कुमारी ने कहा कि पिछले वर्ष अग्निशमन यंत्र की मांग की गई थी, लेकिन अब तक नहीं मिला। प्राथमिक विद्यालय दलपतपुर के सहायक अध्यापक राजेन्द्र सिंह ने कहा कि विद्यालय में इंचार्ज नहीं हैं। मैं यहां दो वर्ष से तैनात हूं। विद्यालय में अग्निशमन यंत्र नहीं है। प्राथमिक विद्यालय बेलवा बाबू के इंचार्ज प्रधानाध्यापक विश्राम सिंह ने कहा कि स्कूल में अग्निशमन यंत्र नहीं लगा है। इसी तरह जोगिया ब्लॉक के चार विद्यालय व लोटन ब्लॉक के चार विद्यालयों में भी आग से बचाव के इंतजाम नहीं मिले।