वन मंत्री ने सोमवार को निर्माणाधीन चिड़ियाघर का निरीक्षण किया।
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गोरखपुर। अगले साल अक्तूबर में होने वाले वन महोत्सव तक गोरखपुर का चिड़ियाघर बनकर तैयार हो जाएगा। वन मंत्री दारा सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि चिड़ियाघर 113 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। 18 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी की गई है। अब सारा ध्यान गुणवत्तापरक निर्माण कार्य पर है।
वन मंत्री ने सोमवार को निर्माणाधीन चिड़ियाघर का निरीक्षण किया। साथ ही अफसरों के साथ मीटिंग करके निर्धारित समयसीमा के अंदर चिड़ियाघर का निर्माण कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया। वन मंत्री ने कहा कि गोरखपुर में राष्ट्रीय स्तर का चिड़ियाघर बनाया जा रहा है। पहले इसे 2019 में पूरा किया जाना था लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे अक्तूबर 2018 तक बनवाने का लक्ष्य दिया है। अगले वन महोत्सव तक मुख्यमंत्री ही चिड़ियाघर का उद्घाटन करेंगे। चिड़ियाघर में 30 प्रकार के पशु - पक्षियों को रखा जाएगा। इसमें ठंडी जगहों पर पाए जाने वाले जानवर भी शामिल होंगे। यह आधुनिक सुविधा-संसाधनों से लैस होगा। जानवरों के लिए 34 बाड़े भी बनवाए जा रहे हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए ट्वॉय ट्रेन चलाने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है। कैफेटेरिया भी रहेगा। वेटनरी अस्पताल और पशु पोस्टमार्टम हाउस बनाने का फैसला भी किया गया है। निरीक्षण के दौरान एसके उपाध्याय, आर हेमंत कुमार, एनके जानू और गिरीश चतुर्वेदी मौजूद रहे।
बाघ, बब्बर शेर भी आएंगे
चिड़ियाघर 121.34 एकड़ में फैला है। 34 बाड़े में 30 प्रजाति के वन्य जीव रखे जाएंगे। बाघ, बब्बर शेर, लेपर्ड, भालू, गैंडा, बारासिंघा, काला हिरन, चीतल, सांभर, जेबरा, दरियाई घोड़ा, घड़ियाल सहित अन्य जानवरों को यहां रखे जाने की योजना है।
- अवैध कब्जे हटाए गए
वन मंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकारों में भू माफियाओं और तस्करों ने जंगल की 23 हजार हेक्टेयर जमीन पर कब्जा कर रखा था। अब तक 17 हजार हेक्टेयर जमीन खाली कराई जा चुकी है। यूपी में अवैध कटाई की 750 आरा मशीनें प्रतिबंधित की गई हैं।