शोहरतगढ़(सिद्धार्थनगर)। बानगंगा नदी की जमीन पर अवैध कब्जे का खुलासा हुआ है। 25 वर्ष पुराने मामले का खुलासा होने से खलबली मच गई। मामला थाना शोहरतगढ़ क्षेत्र के ग्राम धनौरा एहतमाली का है। एसडीएम ने गुरुवार को कार्रवाई करने के लिए तहसीलदार को निर्देशित किया है।
एसडीएम शोहरतगढ़ एसपी सिंह के अनुसार ग्राम धनौरा एहतमाली में 25 वर्ष पूर्व चकबंदी से पहले बानगंगा की भूमि को तत्कालीन अतिरिक्त भूमि (जमींदारी उन्मूलन अधिनियम में सीलिंग की कार्रवाई से निकली भूमि) दर्ज करते हुए ग्राम निवासी 34 लोगों को पट्टा कर दिया। इसके बाद गांव में चकबंदी की प्रक्रिया भी हुई, लेकिन चकबंदी विभाग ने मामले को नजरंदाज कर दिया। कुछ ग्राम निवासियों ने प्रकरण की शिकायत तहसील प्रशासन से की।
मामला संज्ञान में आने के बाद तहसील के कागजातों को देखा गया। जिसमें सामने आया कि पट्टा की गई 34 एकड़ भूमि बानगंगा नदी की है। पत्रावालियों में हेर-फेर कर उसे अतिरिक्त भूमि दर्शाया गया। एसडीएम शोहरतगढ़ सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि मामले की जांच की गई है। बानगंगा नदी की भूमि को अतिरिक्त भूमि के रूप में दर्ज कर लोगों को पट्टा कर दिया गया। तहसीलदार को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। प्रकरण में तत्कालीन राजस्व अधिकारी व कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।