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जिला पंचायत की बैठक में तीन अधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव

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मेडिकल कॉलेज प्राचार्य, जीडीए वीसी व बीएसए की निंदा
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जिला पंचायत सदन में पास किया गया निंदा प्रस्ताव, धान खरीद में धांधली का भी मुद्दा उठाया गया
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जिला पंचायत की बैठक में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार, जीडीए उपाध्यक्ष अमित सिंह बंसल और बीएसए बीएन सिंह के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास हुआ। जिलाध्यक्ष गीतांजलि यादव की अध्यक्षता में शनिवार को हुई बैठक में सभी सदस्यों ने एक स्वर में निंदा प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए सीडीओ से तीनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं सदन में धान खरीद में धांधली का भी मुद्दा उठाया गया।
बैठक शुरू होते ही सदस्य जितेंद्र सिंह ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने जिले की पहली नागरिक का अपमान किया। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले जिला पंचायत अध्यक्ष अपने एक शुभचिंतक का हाल जानने मेडिकल कॉलेज गई थीं। वह प्राचार्य से मिलना चाहती थीं। पहले तो काफी देर तक प्राचार्य ने उन्हें अपने कक्ष में नहीं बुलाया। काफी इंतजार के बाद बुलाया भी तो बैठने के लिए कुर्सी नहीं दी। अध्यक्ष ने इसकी शिकायत कमिश्नर से भी की। सीडीओ ने सदन से ही प्रिंसिपल से बात की। उन्होंने आरोप को नकारते हुए कहा कि उन्हें पूरा सम्मान दिया गया। इस पर सीडीओ ने सदस्यों को बताया कि इस मामले की एडीएम से जांच कराई जाएगी। सदस्य इससे संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने निंदा प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने पास कर दिया।
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इसी तरह से सदस्य जितेंद्र सिंह, एसपी सिंह और पंकज शाही के प्रस्ताव पर जीडीए उपाध्यक्ष के खिलाफ भी निंदा प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन ने पास कर दिया। सदस्यों का कहना था कि जीडीए ने मनमानी कार्रवाई करते हुए सदस्य महेंद्र मल्ल का पैडलेगंज पुलिस चौकी के पास स्थित आवास शुक्रवार को ध्वस्त करा दिया। जबकि इस मामले में कोर्ट से स्टे है। बीएसए के सदन में प्राय: मौजूद न रहने पर उनके खिलाफ भी निंदा प्रस्ताव पास हुआ। सदस्य एसपी सिंह ने धान खरीद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सचिव किसानों को परेशान कर रहे हैं। उनका कहना है कि धान तभी खरीदा जाएगा, जब लेखपाल यह सत्यापन करेंगे कि किस किसान के पास कितनी जमीन है। किसान पहले सत्यापन कराएं। इस पर सीडीओ अनुज सिंह ने कहा कि लेखपाल किसान के घर जाकर सत्यापन करेगा। लेखपाल के पास सदस्य नहीं जाएगा।
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