गोरखपुर। पूर्वांचल के सबसे पिछड़े इलाके के लोगों को केंद्र सरकार ने दिवाली के पहले बड़ा तोहफा दिया है। कैबिनेट की बैठक में पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से बहराइच से खलीलाबाद के बीच 240 किमी लंबी नई रेलवे लाइन बिछाने को मंजूरी दी गई। ब्रॉड गेज की इस नई लाइन के बिछने से बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर जिले के लोगों को रेल की सुविधा अपने आसपास के इलाकों से मिलने लगेगी। परियोजना की लागत 4940 करोड़ है। वर्ष 2024-25 तक इस रूट पर ट्रेन चलाने का लक्ष्य रखा गया है।
नेपाल की सरहद के पास वाले इस इलाके में रेल सेवा न होने से लोगों को काफी दिक्कत होती है। नई रेल लाइन बिछने से यात्री बहराइच से सीधे खलीलाबाद आ सकेंगे। यहां से उनके लखनऊ और बिहार जाने का रास्ता आसान हो जाएगा। नई रेल लाइन निर्माण के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने बताया कि बहराइच से खलीलाबाद के बीच नई रेल लाइन बिछने से इलाके के लाखों लोगों का सफर आसान हो जाएगा। पर्यटकों को भी काफी सहूलियत होगी।
अगले महीने से शुरू होगी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया
नई रेल लाइन को मंजूरी मिलने के बाद अब जमीन अधिग्रहण कार्य शुरू होगा। रेल प्रशासन अगले महीने से इस दिशा में काम शुरू कर देगा। सभी पांच जिलों में नई रेल लाइन के दायरे में पड़ने वाली जमीनों के मालिकों को मुआवजा देकर जमीन कब्जे लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
नई लाइन का धार्मिक महत्व भी
नई रेल लाइन श्रावस्ती होकर गुजरेगी। श्रावस्ती जैन और बौद्ध धर्म का महत्वपूर्ण केंद्र हैं। भगवान राम के पुत्र लव ने श्रावस्ती को ही अपनी राजधानी बनाया था। मां दुर्गा के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक देवीपाटन मंदिर जाने में भी सहूलियत होगी।
नई रेलवे लाइन के स्टेशन
खलीलाबाद, मेहदावल, बांसी, डुमरियागंज, उतरौला, बलरामपुर, श्रावस्ती, भिनगा, बहराइच।