मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस मरीजों के बेहतर इलाज को लेकर प्राचार्य ने संजीदगी दिखाई है। मरीजों की संख्या बढ़ता देख उन्होंने कॉलेज के 12 जूनियर डॉक्टर और पांच स्टाफ नर्सों को 100 बेड वार्ड में ड्यूटी करने का आदेश जारी कर दिया है। वहीं शहर में आए मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री के सामने प्राचार्य ने तीन फॉर्मासिस्ट की मांग सीएमओ से की। इस पर मंत्री ने संस्तुति दे दी है और उम्मीद है कि शनिवार तक तीन फार्मासिस्ट मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी करना शुरू कर देंगे।
इंसेफेलाइटिस को लेकर डॉक्टरों को विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती है। पीएमएस संवर्ग के ऐसे 20 डॉक्टरों की मांग प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से प्राचार्य प्रो. राजीव मिश्रा ने दी है। प्रमुख के कहने पर उन्होंने इन डॉक्टरों की मांग करते हुए पत्र भी लिख दिया है। उम्मीद जताई जा रही है डॉक्टर भी मेडिकल कॉलेज को जल्द मिल जाएंगे। इंसेफेलाइटिस के इलाज के लिए बने 100 बेड में इन दिनों 93 मरीज भर्ती हैं।
वहीं वार्ड नंबर 12 में भी मरीज भर्ती किए गए हैं। इन मरीजों को इलाज में कोई दिक्कत न आने पाए इसे देखते हुए अन्य वार्डों में ड्यूटी कर रहे 12 जूनियर डॉक्टरों को, पांच स्टाफ नर्स को 100 बेड वार्ड में ड्यूटी का आदेश जारी कर दिया गया है। प्रो. राजीव मिश्रा ने बताया कि 12 जूनियर डॉक्टर, पांच स्टाफ नर्स की ड्यूटी 100 बेड इंसेफेलाइटिस वार्ड में लगा दी गई है। तीन फार्मासिस्ट की मांग सीएमओ से की गई है। 20 पीएमएस डॉक्टरों की मांग प्रमुख सचिव से किया गया है। इलाज में कोई दिक्कत न आने पाए इसका प्रयास किया जा रहा है।