गोंडा। कृषि क्षेत्र में पढ़ाई कर चुके युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार ने एग्रीजंक्शन (एग्री उद्यमिता) योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना के तहत चयनित कृषि स्नातकों को एग्रीजंक्शन केंद्र स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण, बैंक ऋण, ब्याज अनुदान और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उप कृषि निदेशक प्रेम कुमार ठाकुर ने बताया कि योजना का उद्देश्य गांव स्तर पर वन स्टॉप शॉप विकसित करना है, जहां किसानों को बीज, उर्वरक, कृषि यंत्र, परामर्श और अन्य सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें। इससे युवाओं को रोजगार के साथ किसानों को भी लाभ मिलेगा। योजना के तहत चयनित अभ्यर्थियों को उद्यम स्थापना और संचालन के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। बैंक से ऋण प्राप्त करने में सहायता के साथ 7.5 प्रतिशत ब्याज अनुदान की सुविधा भी दी जाएगी।
इसके अलावा किराए पर भवन लेने पर पहले वर्ष अधिकतम 24 हजार रुपये तक सहायता प्रदान की जाएगी। कृषि व्यवसाय से संबंधित लाइसेंस लेने की फीस की प्रतिपूर्ति भी की जाएगी। बीज लाइसेंस, उर्वरक लाइसेंस और कीटनाशी लाइसेंस शुल्क की प्रतिपूर्ति का प्रावधान रखा गया है। वहीं 13 दिवसीय प्रशिक्षण, विभागीय भ्रमण और स्टेशनरी मद में भी सहायता मिलेगी। कुल मिलाकर प्रति एग्रीजंक्शन केंद्र लगभग 77 हजार रुपये तक सहायता प्रदान की जाएगी।
ऑनलाइन आवेदन कृषि विभाग के पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे। आवेदन के साथ शैक्षिक प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र और आधार कार्ड संलग्न करना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि से 30 मई 2026 तक निर्धारित की गई है।