पसका/गोंडा। दिल्ली के मोरीगेट क्षेत्र में शुक्रवार की शाम गोंडा निवासी युवक ड्यूटी समाप्त करने के बाद भतीजे के साथ पैदल घर लौट रहे थे। तभी पीछे से तेज रफ्तार दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बस ने उन्हें टक्कर मार दी। दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने चाचा को मृत घोषित कर दिया। भतीजे का लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में इलाज चल रहा है।
अभईपुर गांव के कटियारी पुरवा निवासी जीवननाथ पांडेय (45) पिछले करीब 28 वर्षों से परिवार के साथ दिल्ली में रहकर एक निजी पार्किंग में नौकरी करते थे। बड़े भाई शिव कैलाश पांडेय ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब साढ़े आठ बजे जीवननाथ अपनी ड्यूटी समाप्त करने के बाद भतीजे शिवम (23) के साथ पैदल ही सोनिया विहार स्थित घर लौट रहे थे। दोनों मोरीगेट से करीब 100 मीटर आगे पहुंचे ही थे कि पीछे से आ रही डीटीसी बस ने उन्हें कुचल दिया। हादसे में दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। दोनों को दिल्ली के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सक ने जीवननाथ पांडेय को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल शिवम को बेहतर उपचार के लिए लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार शिवम की हालत नाजुक बनी हुई है।
सदमे में परिवार
परिजनों के अनुसार जीवननाथ पांडेय करीब 28 वर्षों से दिल्ली में रहकर काम कर रहे थे। शिव कैलाश पांडेय ने बताया कि जीवननाथ नौ भाइयों में सातवें नंबर पर थे। उनके परिवार में पत्नी पूनम, दो बेटे नवनीत (20) और अवनीश (17) हैं, जो दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। पिता की अचानक मौत से दोनों बेटे गहरे सदमे में हैं। पत्नी पूनम का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं भाइयों इंद्रनाथ, रामकैलाश, नीरज पांडेय और गोलू समेत अन्य परिजनों का भी बुरा हाल है।
आज होगा अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को एंबुलेंस से जीवननाथ का शव पैतृक गांव अभईपुर के कटियारी पुरवा पहुंचा। शव पहुंचते ही परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार पहुंचे थे। जीवननाथ का अंतिम संस्कार रविवार को पैतृक गांव के निकट किया जाएगा।