गोंडा। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एनएचएम संविदा कर्मियों ने प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया तथा डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने काला फीता बांध कर विरोध दर्ज कराया।
रविवार को होने वाले मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का बहिष्कार कर एनएचएम संविदा कर्मियों ने प्रदर्शन किया। वहीं डिप्लोमा फार्मासिस्टों ने काली पट्टी बांधकर आरोग्य मेले में विरोध दर्ज कराया। स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रही।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मियों ने नियमितीकरण व स्थायीकरण करने, खाली पदों का सृजन करने, वेतन पॉलिसी एवं वेतन विसंगति को दूर कर एक समान वेतन देने, रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण करने, आउटसोर्स नीति के अंतर्गत कार्य करने वाले कर्मियों को समय से वेतन दिलाने, आयुष्मान योजना के तहत कर्मचारियों को बीमा का लाभ प्रदान करने, आशा का मानदेय निर्धारित करने की मांग को लेकर धरना दे रहे है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के डॉ अरुण वर्मा ने बताया कि प्रदेश इकाई के आवाहन पर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। आज कुछ कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया तथा आगे प्रदेश इकाई के निर्देश पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
वहीं फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सालिक राम तिवारी ने बताया कि रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में फार्मासिस्टों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। महामंत्री सुधीर शुक्ल ने कहा कि मांगें न मानी जाने पर सामूहिक कार्य बष्हिकार किया जाएगा।
जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट सुधाकर पांडेय ने कहा कि आगामी नौ दिसंबर से प्रत्येक कार्यदिवस दो घंटे कार्य बहिष्कार किया जाएगा तथा 19 दिसंबर से सामूहिक कार्य बहिष्कार किया जाएगा। मसकनवा में भी स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रदर्शन किया।