गोंडा। जिला महिला अस्पताल गोंडा ने नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड प्रोग्राम में एक बार फिर बाजी मारी है। फरवरी माह में हुए सर्वे में जिला महिला चिकित्सालय को मंडल में प्रथम रैंक हासिल हुई है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला महिला अस्पताल डॉ. एपी मिश्रा ने बताया कि नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है जिसके अंतर्गत पब्लिक हेल्थ फैसिलिटी द्वारा गुणवत्ता परक स्वास्थ्य सेवाएं मानकों के आधार पर प्रदान की जाती हैं।
भारत सरकार द्वारा बनाई गई चेक लिस्ट के आधार पर चिकित्सालय का एसेसमेंट किया जाता है। असेसमेंट तीन चरणों में किया जाता है, जिसमें चिकित्सालय में तैनात हॉस्पिटल क्वॉलिटी मैनेजर क्वॉलिटी टीम के द्वारा इंटरनल असेसमेंट निर्धारित चेक लिस्ट के आधार पर किया जाता है।
चिकित्सालय का इंटरनल स्कोर 70 प्रतिशत या उससे अधिक होता है तब स्टेट के द्वारा चिकित्सालय का एसेसमेंट किया जाता है। यदि चिकित्सालय पियर एसेसमेंट में 70 प्रतिशत से अधिक स्कोर प्राप्त करता है तब उसी स्थिति में चिकित्सालय का भारत सरकार द्वारा अन्य प्रांत के द्वारा असेसमेंट कराया जाता है।
बताया कि पिछले 12 व 13 फरवरी को जिला महिला चिकित्सालय गोंडा का एसेसमेंट भारत सरकार द्वारा डॉ. अंकुर सीनियर इंप्रूवमेंट एडवाइजर नई दिल्ली एवं डॉ. सरस्वती सीनियर प्रोग्राम ऑफिसर क्वालिटी तमिलनाडु द्वारा कराया गया।
जिसमें चिकित्सालय के छह रिपोर्ट मेट ओपीडी, फार्मेसी, लेबर रूम, मेटरनिटी वार्ड एवं जनरल एडमिन हैं। इसमें जिला महिला चिकित्सालय ने 88.68 प्रतिशत अंक के साथ क्वालीफाई किया तथा देवीपाटन मंडल में प्रथम चिकित्सालय है जिसको भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया है।