गोंडा। वेटलैंड प्रकृति की किडनी होती है। इसका संरक्षण जैव विविधता के अस्तित्व के लिए आवश्यक है। यह बात एलबीएस कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा वेटलैंड दिवस पर आयोजित वेबिनार में जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अरविंद कुमार शर्मा ने कही।
प्रो. शर्मा ने बताया कि पूरे विश्व की जैव विविधता का 40 प्रतिशत वेटलैंड में पाया जाता है। यह क्षेत्र वनस्पतियों और जंतुओं को महत्वपूर्ण आवास प्रदान करता है। गोंडा के पार्वती-अरगा पक्षी विहार में प्रतिवर्ष साइबेरिया एवं एशिया के विभिन्न देशों से पक्षी फीडिंग और ब्रीडिंग के लिए आते हैं।
प्राचार्य प्रो. रवींद्र कुमार पांडेय ने मुंबई से वेबिनार में सहभागिता करते हुए सभी शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को वेटलैंड दिवस की शुभकामनाएं दीं। प्रभारी प्राचार्य प्रो. बीपी सिंह ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर बल दिया। आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. जितेंद्र सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। वेबिनार में अमित दुबे, डॉ. संजय कुमार, डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव, कृष्ण मोहन त्रिपाठी, अमित दुबे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आर्द्रभूमि और पक्षियों के महत्व की दी जानकारी
टिकरी। विश्व आर्द्रभूमि दिवस पर पार्वती-अरगा पक्षी विहार में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पक्षी अवलोकन, चित्रकला प्रतियोगिता और पर्यावरण जागरूकता गतिविधियां शामिल रहीं। प्राथमिक विद्यालय भितरी कोठा, बिंद सिंह स्मारक और रामदेव सिंह स्मारक इंटर कॉलेज के 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। विशेषज्ञों ने आर्द्रभूमि और पक्षियों के महत्व की जानकारी दी और बर्ड वॉचिंग का अनुभव कराया। प्रतियोगिता में श्रेष्ठ छात्रों को पुरस्कार और सभी को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। वन विभाग ने आर्द्रभूमियों के संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में उप प्रभागीय वन अधिकारी मनोज कुमार और क्षेत्रीय वन अधिकारी शुभम आनंद सिंह उपस्थित रहे।
दी गई जानकारी
कटरा बाजार। क्षेत्र के राजगढ़ अमीनपुर स्थित बांकी झील के तट पर वन विभाग ने सोमवार को विश्व आर्द्र दिवस और बर्ड फेस्टिवल डे मनाया। डिप्टी डीएफओ सुदर्शन ने रामलाल इंटर कॉलेज चौहानपुरवा के एनसीसी और स्काउट छात्रों को पक्षियों के बारे में जानकारी दी। छात्रों ने चित्रकला और निबंध प्रतियोगिता में भाग लिया। विजेताओं को ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ल ने पुरस्कृत किया। इस अवसर पर प्रभारी वन क्षेत्राधिकारी बद्री प्रसाद चौहान, डिप्टी रेंजर महेंद्र जायसवाल आदि मौजूद रहे। (संवाद)
जलकुंभी से भरी झील में कैसे आएं प्रवासी पक्षी
कटरा बाजार। पंकज दूबे ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व नवंबर से फरवरी तक बांकी झील में प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा देखा जाता था, लेकिन अब पानी की कमी और जलकुंभी के कारण उनका आना काफी कम हो गया है। समाजसेवी सुनील तिवारी ने कहा कि बर्ड फेस्टिवल डे पर केवल खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए थी। वहीं, गांव के प्रधान द्ददन पाठक ने बताया कि उन्हें कार्यक्रम की पूर्व जानकारी नहीं दी गई। (संवाद)