उमरी बेगमगंज। सरयू नदी का जलस्तर अब घटने लगा है, लेकिन बाढ़ प्रभावित गांवों में ग्रामीणों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। गांवों के आसपास अब भी पानी भरा है। कई रास्ते जलमग्न हैं। ग्रामीणों को पानी से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। खेतों में लंबे समय तक बाढ़ का पानी भरा रहने से धान की फसल खराब होने लगी है। पशुओं के लिए रखा सूखा चारा भी पानी में खराब हो गया है। इससे किसानों व पशुपालकों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।
बाढ़ ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी धान की फसल कई दिन तक पानी में डूबी रहने से खराब होने लगी है। जलस्तर घटने के बावजूद खेतों से पानी निकलने में समय लग रहा है। किसान दृगपाल व सजीवन का कहना है कि पानी घटने के बाद भी फसल को हुए नुकसान की भरपाई मुश्किल होगी। वहीं, पशुपालकों के सामने चारे का संकट खड़ा हो गया है। घरों और खेतों में रखा सूखा चारा पानी में खराब हो चुका है।
ग्रामीण बलराज यादव ने बताया कि पानी उतर रहा है, लेकिन फसल बर्बाद होने से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। आने वाले दिनों में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल होगा। अशोक सिंह ने बताया कि इस समय सबसे अधिक जरूरत सुरक्षित आवागमन की है। प्रशासन को प्रभावित गांवों में पर्याप्त नाव और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करानी चाहिए।
ढेमवा चौकी पर मंडरा रहा कटान का खतरा
विश्नोहरपुर। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर के साथ नवाबगंज क्षेत्र के माझा इलाके में बाढ़ का पानी फैल रहा है। बृहस्पतिवार को ब्योंदा माझा, दत्तनगर, साखीपुर, गोकुला, तुलसीपुर माझा, चौखड़िया, रघुनाथपुर, महंगूपुर, जैतपुर, माझाराठ, दुल्लापुर और दुर्गागंज में बाढ़ का पानी फैल गया। कुछ मजरों में चारों ओर पानी भरने से ग्रामीणों का मुख्य रास्तों से संपर्क प्रभावित होने लगा है। दत्तनगर निवासी सरयू विश्वकर्मा ने बताया कि खेतों में धान के पौधे अभी छोटे हैं। लगातार पानी भरा रहा तो फसल पूरी तरह खराब हो जाएगी। गोकुला में टेपरा जाने वाला रास्ता तेज बहाव के कारण कट गया है। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। बाढ़ का पानी निर्माणाधीन रिंग रोड के आसपास भी पहुंच गया है। पानी के तेज बहाव से सड़क के कुछ हिस्सों में कटान शुरू हो गया है। दत्तनगर में ढेमवा चौकी के पास स्थित गड्ढे में पानी भरने से चौकी पर कटान का खतरा बढ़ गया है। चौकी के बगल की जमीन में दरारें पड़ने लगी हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, वर्ष 2022 की भीषण बाढ़ में चौकी का आधा हिस्सा कट गया था। बाद में जनसहयोग से इसका दोबारा निर्माण कराया गया था। अब एक बार फिर चौकी के आसपास कटान का खतरा मंडरा रहा है।
माझा के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ीं
नवाबगंज। कटरा शिवदयालगंज में रेलवे स्टेशन के सामने बने विश्रामालय में भी बाढ़ का पानी भरने लगा है। वहीं, शिवदयालगंज-अयोध्या मार्ग से महेशपुर और वजीराबाद जाने वाली सड़क जलमग्न हो गई है। इससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो गया है। सरयू के बढ़ते जलस्तर का असर निर्माणाधीन रिंग रोड पर भी दिखाई देने लगा है। साखीपुर अट्ठईसा में रिंग रोड के अंडरपास से पानी बह रहा है। तेज बहाव के कारण सड़क की मिट्टी कटने लगी है। माझाराठ निवासी गंगाराम यादव ने बताया कि गांव में चारों तरफ पानी फैलने से पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है। कटरा भोगचंद्र ग्राम के प्रशासक सुभाष यादव ने बताया कि रेलवे स्टेशन के सामने बने विश्रामालय में भी पानी पहुंच गया है। दुर्गागंज माझा के ग्राम प्रशासक राधेश्याम यादव ने बताया कि गांव के चारों तरफ बाढ़ का पानी भर गया है। इससे ग्रामीणों के आवागमन में परेशानी हो रही है और खेतों में खड़ी फसलें भी डूबने लगी हैं।
तीन बाढ़ चौकियों पर स्वास्थ्यकर्मी तैनात
परसपुर। संभावित बाढ़ के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज करते हुए तीन बाढ़ चौकियों पर चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी तैनात कर दिए हैं। स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी प्रदीप पांडेय ने बताया कि सीएचसी अधीक्षक डॉ. लवकेश शुक्ल ने ड्यूटी निर्धारित कर दी है। पसका, भौरीगंज और चरसड़ी बाढ़ चौकियों पर आवश्यक दवाओं व संक्रामक रोगों से बचाव की व्यवस्था है। अधीक्षक ने बताया कि सभी को ड्यूटी पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। चरसड़ी की टीम ने बृहस्पतिवार को सुकईपुरवा में शिविर लगाकर 33 मरीजों की जांच कर दवाएं दीं।(संवाद)
ऐली परसौली में सुरक्षित स्थान की ओर जाते बाढ़ पीड़ित। - संवाद