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मरीज की मौत पर हंगामा, डॉक्टर को पीटा

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गोंडा। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में एक मरीज के मौत से गुस्साएं परिजनों ने जमकर हंगामा काटा। आक्रोशित लोगों ने इमरजेंसी में तोड़फोड़ कर ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर के साथ मारपीट भी की। इस दौरान बीच बचाव की कोशिश में जुटे मेडिकल स्टाफ के साथ भी अराजकतत्वों ने हाथापाई। इस दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद पुलिसकर्मी मामला शांत कराने की जगह घटना का वीडियो बनाते नजर आए। हंगामे की जानकारी के बाद मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस से पहले ही हंगामा कर रहे लोग फरार हो गए। इस मामले में इमरजेंसी में तैनात मेडिकल ऑफिसर डॉ. दीपक सिंह की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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मंगलवार देर रात जिला अस्पताल के इमरजेंसी में भर्ती एक मरीज की मौत हो गयी। इससे आक्रोशित परिजनों ने परिसर में जमकर हंगामा काटा और कमरों के शीशे इत्यादि तोड़ कर मौजूद डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हाथापाई भी की। कोतवाली नगर के नई सिरिया उम्मेदजोत निवासी संदीप कुमार को बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था।
इमरजेंसी में तैनात ईएमओ डॉ. दीपक सिंह ने मरीज के साथ आए लोगों को उसकी गंभीर स्थिति के बारे में बताया। उनकी सहमति और बीएचटी पर हस्ताक्षर के बाद इमरजेंसी में ही मरीज का इलाज शुरु किया गया लेकिन बीती देर रात उसकी मौत हो गयी। मरीज की मौत की खबर सुनते ही वहां मौजूद परिजन आक्रोशित हो गए और हंगामा करने लगे।
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नाराज लोगों ने इमरजेंसी में मौजूद ईएमओ डॉ. दीपक सिंह के मेज पर रखे सामानों को तोड़ फोड़ कर फाइलों को उठाकर फेंक दिया। रोकने पर मौजूद डॉक्टर के साथ भी मारपीट की। ड्यूटी पर मौजूद फार्मासिस्ट राजकुमार चौधरी, ट्रेेनी फार्मासिस्ट शुभम गुप्ता, सहायक स्टाफ विशाल व बजरंगी ने जब स्थिति को संभालने की कोशिश की तो उनके साथ भी हाथापाई कर खदेड़ दिया।
जिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षिका डॉ. इंदुबाला ने पूरे प्रकरण की जानकारी सीएमओ व अपर निदेशक स्वास्थ्य के साथ कोतवाली पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे नगर कोतवाल पंकज सिंह ने बताया कि इस प्रकरण में डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ तोड़फोड़ व मारपीट का मामला दर्ज किया गया है।
जिला अस्पताल में हुए तीमारदारों के हंगामे में सबसे अधिक चोटिल हुए ट्रेनी फार्मासिस्ट शुभम गुप्ता ने बताया कि मारपीट के दौरान अन्य स्टाफ तो जान बचाकर भाग लिए, लेकिन हंगामा कर रहे एक युवक ने दबोच लिया। रात को उसने ही डॉक्टर के निर्देश पर मरीज को इंजेक्शन दिया। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। मरीज के मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने पूरे स्टाफ के साथ यह कहते हुए उसके साथ मारपीट शुरू कर दी कि इसी ने सुई लगाई थी इसे नहीं छोडे़ंगे। मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने बमुश्किल शुभम को अराजक लोगों के चंगुल से बचाया।
जिला अस्पताल में रात के समय कुछ पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। मारपीट के दौरान तैनात पुलिसकर्मियों की उदासीनता व लापरवाही खुलकर सामने आयी। मारपीट की बात सुन कर ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी इमरजेंसी तक तो पहुंचे लेकिन हंगामा शांत कराने की जगह घटना का वीडियो बनाते नजर आए। परिसर में लगे कैमरे में साफ दिखता है कि दो लड़के इमरजेंसी में उत्पात मचा रहे हैं जबकि मौजूद एक पुलिसकर्मी मामले का वीडियो बना रहा है और दो महिला पुलिस कर्मी मूकदर्शक बनी खड़ी हैं।
जिला अस्पताल में आए दिन तीमारदारों व स्वास्थ्य कर्मियों के बीच झड़प के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन रात में सुरक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। जिला अस्पताल प्रशासन ने कई बार परिसर में अस्थाई पुलिस चौकी बनाने की मांग कर चुका है। बीते दिनों अमरनाथ यात्रा के लिए स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाने के दौरान भी लोगों ने हंगामा कर सफाई कर्मचारी के साथ मारपीट की थी।
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