गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग ने दूसरे के अभिलेख पर नौकरी कर रहे दो शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने बताया कि दो शिक्षकों की नियुक्ति में फर्जीवाड़े की बात सामने आई थी। दोनो शिक्षकों को सुनवाई का अवसर देने के बाद सेवा से बर्खास्त किया गया है। इसके साथ ही दोनो के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का आदेश सबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को दिया है। इसके अलावा पूर्व में सेवा से बर्खास्त किए गए 58 शिक्षकों से वेतन की रिकवरी करने की तैयारी शुरु कर दी गई है। बीएसए ने वित्त एवं लेखाधिकारी से बर्खास्त किए गए शिक्षकों को दिए गए वेतन व भत्तों की पूरी रिपोर्ट मांगी है।
बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े से नौकरी लेने वाले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई का सिलसिला जारी है। सोमवार को बीएसए ने फिर दो लोगों की सेवाएं समाप्त कर दिया है। कार्रवाई के दायरे में आए बस्ती जनपद के पडरौना निवासी नर्वदा चंद्र जिले के छपिया ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय कमरपुर में 23 जनवरी 1998 को सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त हुए थे। पदोन्नति के बाद 06 अक्तूबर 2007 को प्राथमिक विद्यालय वासुदेवपुर ग्रंट में प्रधानाध्यापक के पद तैनाती दी गई थी। इनके बारे में महराजगंज जनपद में कार्यरत शिक्षक नर्वदा चंद्र नाम के व्यक्ति ने शिकायत भेजी कि टीडीएस कटौती 87575 रुपये होने का मैसेज मिला तो पता चला कि उनके नाम पर गोंडा में भी एक शिक्षक कार्यरत है।
बीएसए ने इसकी शिकायत पर जांच कराई तो पता चला 6 सितंबर 2019 से प्रधानाध्यापक स्कूल ही नहीं आ रहे हैं। उन्हें कई बार नोटिस भेजा गया और 13 सितंबर 2019 तक अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। शिक्षक की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया, जिससे उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया हैं। इसके अलावा शिकोहाबाद के स्वामीनगर रेलवे स्टेशन निवासी सुनील सिंह की सहायक अध्यापक के पद नियुक्ति 27 सितंबर 2016 में प्राथमिक विद्यालय पूरे रामदास ब्लॉक बेलसर में हुई थी। नियुक्ति के समय प्रस्तुत अभिलेखों के सत्यापन में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।
इन्होंने निवास प्रमाण पत्र ही फर्जी लगा रखा था, आवेदन पत्र में संलग्न निवास प्रमाण पत्र ऑनलाइन सत्यापन में फिरोजाबाद के जितेन्द्र सिंह के नाम से मिला, इसके अलावा जाति प्रमाण पत्र फिरोजाबाद के जसरना की अंजू के नाम से मिला। दूसरे नाम से प्रमाण पत्र लगाने के मामले पर जवाब मांगा गया लेकिन कोई संतोष जनक जवाब नही दे पाए। इससे सुनील सिंह को बर्खास्त कर दिया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने बताया खंड शिक्षा अधिकारी छपिया व बेलसर को निर्देश दिया गया है कि दोनों शिक्षकों के विरुद्ध थाने में एफआईआर दर्ज कराएं। इसके अलावा दोनो शिक्षकों को निर्देश दिया है कि अब तक मिले वेतन व भत्तों को तत्काल राजकोष में जमा कर दें। वहीं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने पूर्व में बर्खास्त किए गए 58 शिक्षकों से वेतन रिकवरी करने की तैयारी शुरू कर दी है। वित्त एवं लेखाधिकारी से अब तक किए गए भुगतान का ब्यौरा मांगा है।
फर्जीवाड़ा करके नियुक्त शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है और अब तक बर्खास्त किए जा चुके 58 शिक्षकों से वेतन व भत्तों की रिकवरी किया जाना है। रिकवरी के लिए वित्त एवं लेखाधिकारी से भुगतान का आगणन मांगा है। जिससे रिकवरी आदेश जारी किया जा सके। -मनिराम सिंह, बीएसए