गोंडा। तरक्की ओर जिले के कदम तो बढ़ रहे हैं, लेकिन सड़कों की स्थिति ठीक नहीं है। दो दर्जन ऐसी सड़कें जर्जर हैं जो जिले के ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ने का काम करती हैं। वहीं तीन जिलों को जोड़ने वाली सड़क की स्थिति भी बद से बदतर है। दो दर्जन सड़कें ऐसी हैं जिनके जर्जर होने से पांच लाख की आबादी परेशान है और उसका रोज इन सड़कों से सामना होता है। विभाग के जिम्मेदार सड़कों के विकास को लेकर गंभीर नहीं हैं। जिले के सबसे प्रसिद्व पसका को जाने वाली सड़कें जर्जर हैं, उन पर चलना दूभर है। विभाग भी गंभीर नहीं है और बड़े-बड़े गड्ढों से सड़कों की स्थिति बहुत ही खराब है। ऐसा तब है जब 9 व 10 जनवरी को पसका में विशाल मेले का आयोजन होना है। यहां पर दस लाख से अधिक श्रद्धालु दोनों दिन आएंगे और मुख्य स्नान में सरयू में स्नान करेंगे। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों की कई सड़कों की हालत खराब है।
10 लाख श्रद्धालुओं को धक्के खाते जाना पड़ेगा पसका
परसपुर। पसका मेले की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। लेकिन वहां तक जाने के लिए दो दिनों तक दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को धक्के खाने होंगे। सड़क का हाल यह है कि हिचकोले खाते हुए परसपुर से 14 किमी दूर मंदिर तक लोग जाएंगे। अभी अधिकारी सड़क की स्थिति पर गंभीर नहीं हैं, ऐन वक्त दिखावटी दौड़ भाग तेज हो जाएगी। इस मार्ग से करीब दो दर्जन गांव पंचायतें जुड़ी हैं और हर दिन इन गांवों के एक लाख की आबादी को ऐसे ही जर्जर सड़क से आना पड़ता है।
कस्बों तक जाने में गड्ढे ही गड्ढे
खोड़ारे। गौरा चौकी बाजार से सादुल्लाह नगर 8 किलोमीटर सड़क जो करीब 50 हजार से ज्यादा आबादी को सादुल्लाह नगर बाजार, मनकापुर, तहसील व जिला मुख्यालय को जोड़ती है। वहीं जनपद से सटे जनपद बलरामपुर, उतरौला बाजार, रेहरा बाजार भी क्षेत्र के लोगों का आना जाना रहता है। सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे दिखाई देते हैं और थोड़ा पानी बरस जाने के बाद सड़क ज्यादातर जगहों पर पानी के तालाब में तब्दील हो जाती है। खोड़ारे बाजार, गिन्नी नगर बाजार, अलीपुर बाजार, कूक नगर ग्रांट, केशव नगर ग्रांट, गौरा चौकी बाजार आदि जाने में लोगों को असुविधा होती है।
रोड़े डाल कर भूल गए निर्माण
मोतीगंज। महादेवा से मलारी, बरूआचक, सिसवरिया, मोतीगंज बाजार को जाने वाली सड़क काफी जर्जर है। बघेलवा गांव से लेकर के रामनगर बनकट गांव तक जाने वाली सड़क पर चार वर्ष पूर्व मे बड़े बड़े पत्थर डाल दिए गए थे, तब से आज तक इस संपर्क मार्ग पर ना तो रोलर चला ना ही पेंट हुए। जिससे राहगीरों को आए दिन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
विशुनापुर-पृथ्वीनाथ मार्ग वर्षों से बदहाल
खरगूपुर। विशुनापुर-पृथ्वीनाथ मार्ग वर्षों से बदहाल है। जबकि इस मार्ग से लालनगर, कहला तेंदुआ, विशुनापुर, बेलभरिया, अचलापुर, बरगदही, छिटनापुर, परसदा, नरहरिया, चौहट्टा,बनघुसर, हरचन्दपुर, गोसाई पुरवा, खरगूपुर डिंगूर, लोनावादरगाह, बेलवा फूलपुर सहित दर्जनों गांव के लोगों का आना जाना है। करीब एक लाख की आबादी के लिए यह सड़क काफी अहमियत रखती है। सड़क का निर्माण न होने से लोगों को परेशानी का सामना तो करना ही पड़ता है, रोज जर्जर सड़क का सामना भी करना पड़ रहा है।
अनियमितता की भेंट चढ़ गई आर्यनगर की रोड
रुपईडीह। आर्यनगर से महराजगंज मार्ग का निर्माण वर्ष 2013-14 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से हुआ था। लेकिन सड़क के निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितता हुई और कार्य सही ढंग से सड़क बनी ही नहीं। हाल यह हुआ कि छह माह में ही सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई। लेकिन किसी अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। सड़क के खराब होने से लोगों को रोज परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कौड़िया से आर्यनगर, आर्यनगर से भवनियापुर उपाध्याय तथा भवनियापुर उपाध्याय से महराजगंज बलरामपुर सड़क तक का मार्ग भी जर्जर हो चुका है। पूरे क्षेत्र में सड़क की स्थिति खराब होने से लोगों को आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन को समय से सड़क की स्थिति का सुधार करना चाहिए था। मेला इसी माह में है और तैयारियां की जा रही हैं। लेकिन सड़कों की स्थिति बहुत ही दयनीय है।
-डॉ. भगवदाचार्य, अध्यक्ष सनातन परिषद
सड़क जर्जर होने से आए दिन लोगों को परेशानी का सामना उठाना पड़ता है। स्थिति यह है कि स्कूलों को जाने वाले बच्चों को काफी कठिनाई होती है।
-ताल्लुकदार दूबे, शिक्षक
सड़क खराब होने से जिले से सटे जनपद बलरामपुर के उतरौला बाजार, रेहरा बाजार सहित अन्य जगहों पर आने जाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। सड़क का निर्माण कराया जाना चाहिए।
जिले की जर्जर सड़कों के मरम्मत के लिए कार्य किया जा रहे हैं। सड़कों के मरम्मत के लिए मिले बजट के आधार पर निर्माण कराया जा रहा है। कुछ सड़कों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बजट मिलते ही कार्य कराया जाएगा। -शशि भूषण, मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी