गोंडा। जिले के सभी 52 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। यहां एमबीबीएस, विशेषज्ञ चिकित्सक व महिला चिकित्सक मौजूदग नहीं मिलीं। आयुष डॉक्टरों व फार्मासिस्ट के सहारे इलाज किया जा रहा था। सोमवार से शनिवार तक पीएचसी में ओपीडी करने वाले चिकित्सकों की ही ड्यूटी स्वास्थ्य मेले में लगाए जाने के कारण मेले से मरीजों को सही उपचार नहीं मिल पा रहा। केवल खानापूर्ति कर मेले का संचालन किया जा रहा है। सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल का कहना है कि जल्द ही व्यवस्था में सुधार कराया जाएगा।
तीन पीएचसी में आयुष चिकित्सक करते मिले इलाज
मसकनवा। सीएचसी छपिया के तीनों प्राथमिक स्वास्थ केंद्रों में रविवार को आयोजित जन आरोग्य मेले की जिम्मेदारी आयुष चिकित्सक व फार्मासिस्ट पर रही। किसी भी पीएचसी पर एमबीबीएस, विशेषज्ञ चिकित्सक, महिला चिकित्सक मौजूद नहीं थे। पीएचसी मसकनवा में सुबह 11:30 बजे तक आयुष चिकित्सक डाॅ. डीसी वर्मा 15 मरीजों का उपचार कर चुके थे। सीएचओ संजना, स्टाफ नर्स संध्या मरीजों को ठंड से बचने व स्वास्थ संबंधी जानकारी दे रहीं थीं। फार्मासिस्ट रमेश यादव दवाओं का वितरण, एलटी विजय प्रताप ब्लड जांच व वार्ड बॉय अनूप कुमार मरीजों का पंजीकरण करते मिले।
पीएचसी वीरपुर में स्वास्थ्य मेले में किसी भी चिकित्सक की ड्यूटी नहीं लगाई गई। पीएचसी पर पिछले दस वर्षों से चिकित्सक की तैनाती नहीं है। दोपहर 12:30 मिनट तक फार्मासिस्ट अवधेश शुक्ला 23 मरीजों का उपचार कर चुके थे। जन आरोग्य मेले में पीएचसी पर ब्लड जांच की व्यवस्था नहीं थी। सीएचओ शिवम श्रीवास्तव सहित एएनएम, आशा संगिनी, आशा मौजूद मिलीं।
पीएचसी बभनान में दोपहर एक बजे तक आयुष चिकित्सक डाॅ. एमए खान 25 मरीजों का उपचार कर चुके थे। फार्मासिस्ट कीर्ति तिवारी ने दवाओं का वितरण किया। एलटी अरुण कुमार 10 मरीजों का ब्लड जांच कर चुके थे। मेले में सीएचओ हेमलता सिंह मौजूद रहीं। स्वास्थ मेले में गर्भवती महिलाएं, बल्ड प्रेशर, शुगर, सर्दी, बुखार, खांसी आदि रोगों से संबंधित मरीज आए।
आरोग्य मेले में एमबीबीएस डॉक्टर नदारद
हलधरमऊ। बरांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार को आयोजित आरोग्य मेले में लंबे समय बाद स्वास्थ्य कर्मी तो मौजूद रहे, लेकिन एमबीबीएस डॉक्टर नहीं पहुंचे। आयुष डॉक्टरों ने उपचार मरीजों का उपचार किया। दोपहर 12 बजे तक आयुष चिकित्सक डॉ. अरकान खान और डॉ. अवसाफ लारी ने 14 मरीजों का उपचार किया। मेले में मौजूद लैब टेक्नीशियन नागेंद्र कुमार ने पांच मरीजों के खून की जांच की। उन्होंने बताया कि उपकरण का अभाव है। जबकि फार्मासिस्ट अनुपस्थित थे। नहवापरसौरा पीएचसी में भी आयुष चिकित्सक डॉ. उदेश कुमार ने मरीजों का उपचार किया। फार्मासिस्ट मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि 1:30 बजे तक 23 मरीजों को दवाएं वितरित की गई हैं।
त्योरासी में 50 मरीजों का इलाज
पसका। पीएचसी त्योरासी में रविवार को जन आरोग्य मेले में एमबीबीएस डॉ. रवींद्र कुमार ने 12 बजकर 50 मिनट तक 50 मरीजों का इलाज किया। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मरीज खांसी, सर्दी-जुकाम, बुखार व स्किन रोग से पीड़ित थे। अवस्थी पुरवा निवासी अनिता ने बताया कि कान दर्द की दवा लेने आई थीं। झलवा निवासी आशा कमर व पीठ दर्द की दवा कराने आई थीं। मटहिया निवासी आरती स्किन डिजीज व सुनीता कंधे व हाथ में दर्द की दवा लेने आई थीं। लैब टेक्नीशियन उदय भान ने बताया कि हीमोग्लोबिन, शुगर, टायफाइड, मलेरिया, डेंगू, हेपेटाइटिस बी, बीपी आदि की जांच की गई।