मालवीय नगर में गीता गोष्ठी को लेकर कलश शोभायात्रा निकालती महिलाएं। -संवाद
गोंडा। मालवीय नगर स्थित रामलीला मैदान में रविवार को गीता ज्ञान गोष्ठी के रजत जयंती समारोह का आयोजन किया गया। गीता ज्ञान प्रसार यात्रा, कलश यात्रा, यज्ञ-हवन, प्रवचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ देर शाम तक भव्य आयोजन चला।
मुख्य वक्ता सनातन महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष एवं हरियाणा निवासी डॉ. गौतम खट्टर ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता विपरीत परिस्थितियों का सामना कर अर्जुन की तरह अजेय कर्मयोद्धा बनने की प्रेरणा देती है। कार्यक्रम का संचालन स्वदेशी जागरण मंच के जनार्दन सिंह ने किया। आयोजन समिति की ओर से इं. सुरेश दूबे ने गीता गोष्ठी के 25 वर्ष के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए वर्ष 2000 से चले आ रहे इस अभियान की उपलब्धियों को साझा किया। गोष्ठी से जुड़े दिवंगत संत राजर्षि गांगेय हंस को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। महिम तिवारी ने कहा कि वंदेमातरम जैसे राष्ट्रवादी गीतों का विरोध हमारी सांस्कृतिक अस्मिता पर आघात है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि गीता में भगवान श्रीकृष्ण की ओर से अर्जुन को दिए गए संदेशों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रविरोधी शक्तियों को सशक्त उत्तर दिया जाए। जूना अखाड़ा हरिद्वार के महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि महाराज एवं महामंडलेश्वर डॉ. प्रेम आनंद महाराज आदि ने भगवद्गीता के विषय में जानकारी दी। इस दौरान पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह, डॉ. शैलेंद्र मिश्र, चंद्रभाल मिश्र, तुलसीदास रायचंदानी, केके श्रीवास्तव, अमर किशोर कश्यप, रमेश दूबे आदि मौजूद रहे।