गोंडा। जिले में ढाई साल तक सीडीओ रहे आईएएस शशांक त्रिपाठी का कार्यकाल कई पहल के लिए याद रहेगा। विकास भवन के कायाकल्प के साथ एक हजार से स्कूलों को नया लुक दिया। 421 पंचायतों में सचिवालय का निर्माण हो या फिर नदियों के जीर्णोद्धार का कार्य। मनरेगा से स्थाई रोजागर की योजनाओं पर जोर दिया। हजारों महिलाएं आज भी रोजगार कर रहीं हैं। भ्रष्टाचार के मामलों पर ठोस कार्रवाई करके संदेश भी दिया। सीडीओ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अफसरों की टीम में शामिल हो गए हैं, उन्हें विशेष सचिव मुख्यमंत्री बनाया गया है। वह सोमवार को लखनऊ में कार्यभार ग्रहण करेंगे।
चार जनवरी 2020 को जिले में पहली बार सीडीओ पद नियुक्त हुए आईएएस अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने उसी समय कटरा ब्लॉक में रात को छापा डाला। इससे पूरे जिले में खलबली मच गई, दो दर्जन से अधिक प्रधानों ने इस्तीफा देने की पेशकश कर दी। मामला निपटा, इसके बाद विकास के कार्य शुरू पर जोर देना शुरू किया। व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए उनके पहले सीडीओ आशीष कुमार के प्रयासों को आगे बढ़ाने के साथ ही कई नई पहल की।
मनरेगा को पंचायत की निधि से जोड़ा और सरकार से बिना अतिरिक्त बजट लिए तालाबों का जीर्णोद्धार, पंचायत सचिवालयों का निर्माण, स्कूल भवनों को कायाकल्प, पंचायतों में आवासों के निर्माण हुए। इसी दौरान कोरोना संकट में लॉकडाउन के दौरान बाहर से करीब 33 हजार श्रमिक जिले में आए, उन्हें गावों में ही रोजगार देने का खाका खींचा। मनवर नदी के जीर्णोद्वार अभियान से श्रमिकों को रोजगार देने के साथ ही नदी को नया रूप मिला। साथ ही पंचायतों में मनरेगा से गरीबों को जोड़कर उन्हें बकरी शेड़, सुअर बाड़ा, कुक्कुड शेड़, पशु शेड़ दी। अब वह स्थाई रूप से रोजगार कर रहे हैं। वहीं समूहों को मनरेगा से मदद दिलाकर नर्सरी योजना, पशुपालन योजना से जोड़ा। जिससे महिलाएं कमाई कर रही हैं। नौ सौ से अधिक सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराकर समूहों को मानदेय पर संचालन पर जिम्मेदारी दी। जिससे वह भी कमाई कर रही हैं। इससे गरीबी उन्मूलन को रफ्तार मिला।