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सड़क सुरक्षा सप्ताह में भी उड़ रहीं ट्रैफिक नियमों की धज्जियां

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फोटो-7-गोंडा के आंबेडकर चौराहे पर बिना हेलमेट के बाइक से जाते पुलिसकर्मी। -संवाद - फोटो : GONDA
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गोंडा। सड़क सुरक्षा सप्ताह चल रहा है, लेकिन शहर में यातायात नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। वाहनों पर धड़ल्ले से ट्रिपलिंग हो रही है। हर सड़क पर दोपहिया वाहनों पर लोग ट्रिपलिंग करते दिख जाते हैं। इन्हें न अपनी जान की फिक्र है और न ही सामने वाले की। कभी-कभी तो चार लोग भी एक ही बाइक पर नजर आ जाते हैं। वहीं, जिनके कंधों पर ट्रैफिक नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी है वे भी यातायात नियमों का उल्लंघन करते नजर आते हैं। अधिकतर पुलिसकर्मी तो बिना हेलमेट के ही फर्राटा भरते हैं। एक हाथ में बाइक का हैंडिल तो दूसरे हाथ में फोन भी आम बात है। सड़क सुरक्षा सप्ताह में भी स्थिति जस की तस ही नजर आ रही है। आमजन में यातायात नियमों को लेकर जागरूकता नहीं आ पा रही है। गुरुवार को शहर के तीन प्रमुख चौराहों की पड़ताल की गई तो सड़क सुरक्षा के दावों की पोल खुल गई। प्रस्तुत है रिपोर्ट-
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शहर के महिला अस्पताल चौराहे पर हमेशा भीड़ नजर आती है। कारण इस चौराहे से होकर लोग बस स्टेशन, चौक बाजार, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, कचहरी आदि स्थानों के लिए आवागमन करते हैं। यहां दोपहर में होमगार्ड के अलावा कोई नहीं दिखाई दिया। बड़ी संख्या में लोग बाइकों पर ट्रिपलिंग करते हुए जाते दिखे। इनको न तो कोई रोकने वाला था और न ही कोई सड़क सुरक्षा सप्ताह के बारे में जानकारी देने वाला। इस चौराहे पर यातायात की व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त होनी चाहिए।
एलबीएस डिग्री कॉलेज चौराहा। यहां होमगार्ड के जवान तेज धूप में पसीना बहाते नजर आए। ट्रिपलिंग करने वालों की संख्या भी बहुतायत मिली। वहीं, एक हाथ में बाइक का हैंडिल तो दूसरे हाथ में फोन भी दिखाई पड़ा। ऐसे तमाम लोग फर्राटा भर रहे थे, जिनके हाथ में मोबाइल था। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि अचानक कोई सामने आ जाए तो फिर ऐसी स्थिति में क्या होगा। बाइक सवारों की मनमानी से सड़क सुरक्षा सप्ताह पर सवालिया निशान लग रहे हैं। सड़क सुरक्षा सप्ताह के नाम पर रस्म अदायगी ही हो रही है।
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शहर का आंबेडकर चौराहा गोंडा-लखनऊ मुख्य मार्ग पर स्थित है। इसी चौराहे से होकर लोग कलेक्ट्रेट, दीवानी कचहरी, प्रधान डाकघर, कचहरी रेलवे स्टेशन जाते हैं। मगर यहां भी यातायात नियमों का पालन कराने वाले छाया में बैठे नजर आए। बाइक पर सवार दो पुलिसकर्मी बिना हेलमेट के जा रहे थे। तमाम पुलिस वाले निकले जिनके सिर पर हेलमेट नहीं था। अब सवाल उठता है कि यदि कानून का पालन कराने वाले ही यातायात नियमों को तोड़ेंगे तो फिर आम लोगों को कौन समझाएगा।
होमगार्ड व पीआरडी जवानों के जिम्मे यातायात व्यवस्था
शहर के चौक-चौराहों पर यातायात व्यवस्था बेहतर रखने के लिए ज्यादातर होमगार्ड व पीआरडी के जवान लगाए गए हैं। वहीं, यातायात पुलिस में तैनात जवान इधर-उधर दुकानों पर बैठे नजर आते हैं। सवाल उठता है कि यदि पीआरडी व होमगार्ड के जवान तपती दोपहरी में ड्यूटी कर रहे हैं तो फिर ट्रैफिक पुलिसकर्मी इधर-उधर क्यों रहते हैं। ये पुलिसकर्मी लंबा जाम लगने ही पर नजर आते हैं। अन्य दशा में पीआरडी व होमगार्ड के जवान ही ड्यूटी निभाते हैं।
यातायात नियमों के पालन को लेकर लोगों को गंभीरता बरतनी चाहिए। चौक-चौराहों पर यातायात पुलिस के साथ ही होमगार्ड व पीआरडी के जवान लगाए गए हैं। आमजन में जागरूकता को लेकर अभियान भी चलाया जाता है। यदि कोई पुलिसकर्मी लापरवाही करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। लक्ष्मीकांत गौतम, सीओ सिटी

फोटो-8-गोंडा के महिला अस्पताल चौराहे पर बाइक से जाते चार लोग। -संवाद- फोटो : GONDA

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