फोटो- 5- गोंडा के प्राइमरी स्कूल दूबेपुरवा रुपईडीह में न रैंप, न बाउंड्री और न ही बिजली। संवाद
- फोटो : GONDA
गोंडा। विधानसभा चुनाव के लिए बूथों को तैयार किया जाना है। लेकिन इन बूथों में बिजली कनेक्शन न होना और शौचालय समेत कई तरह की कमी है। इसक एक माह पूरा करना विभागों के लिए चुनौती बना है। महत्वपूर्ण बात यह है कि 305 बेसिक स्कूलों में बिजली कनेक्शन ही नहीं है। मतदान के दौरान दिक्कत आनी तय है। फिलहाल विभाग की ओर से पॉवर कारपोरेशन को रिपोर्ट भेजी गई है। वहीं, 142 स्कूलों में शौचालय की सुविधा नहीं है। 27 फरवरी के पहले इन तैयारियों को पूरा किया जाना है। जिलाधिकारी ने विभागों को पहले ही निर्देश दिए हैं। इसकी नए सिरे से तैयारी हो रही है।
जिले के बेसिक स्कूलों में अधिकतर बूथ हैं और जहां पर मतदान होना है, वहां कई तरह की समस्याएं हैं। जिले के 406 स्कूल ऐसे हैं जहां बाउंड्रीवाल तक नहीं है। जिले के 305 स्कूलों में बिजली का कनेक्शन ही नहीं है, जबकि वायरिंग हो चुकी है। इसी तरह 406 केंद्र में बाउंड्रीवाल ही नहीं है। इसके अलावा 140 स्कूलों में रैंप नहीं है, 142 में तो शौचालय तक नहीं है। यही नहीं पानी पीने का इंतजाम 18 स्कूलों में नहीं है, और 40 स्कूलों में वायरिंग नहीं है। एक माह में यह सुविधाएं पूरी की जानी है, विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है। इससे भी एक कदम आगे यह है कि 14 स्कूल ऐसे हैं जहां पर कोई भी फर्नीचर नहीं है। विभाग की ओर से यह सुविधा दुरुस्त कराई जा रही है। मतदान के दौरान पूरी व्यवस्था हो सके।
बूथों पर ही करनी पोलिंग पार्टियों के भोजन की व्यवस्था
मतदान के साथ ही बूथों पर पोलिंग पार्टियों को भोजन की भी व्यवस्था होनी है। स्कूल की रसोइया ही भोजन बनाएंगी। ऐसे में 18 ऐसे बूथों पर भोजन के इंतजाम में दिक्कत आएगी। जहां पर पानी की ही व्यवस्था नहीं है। हैंडपंप न होने से यहां पर बाहर के लोगों से मदद लेनी होगी। बताया जा रहा है कि इन स्कूलों में हैंडपंप की स्थापना तय समय में कराया जाना है। जिसके बाद ही पोलिंग पार्टियों को सुविधा मिल सकेगी।
तीन शौचालय और रैंप जरूरी
मतदान के लिए बूथों पर महिला और पुरुष के लिए अलग- अलग शौचालय की व्यवस्था करनी है। इसके अलावा दिव्यांग शौचालयों की स्थापना भी जरूरी है। जिससे आने वाले मतदाताओं को किसी तरह की दिक्कत न हो। 142 स्कूलों में शौचालय ही नहीं है। जिससे वहां पर एक साथ तीन शौचालयों का निर्माण समय से पूरा करना चुनौती भरा है।
स्कूलों में सुविधाओं की व्यवस्था कराई जा रही है। तय समय पर सारी कार्रवाई पूरी हो जाएगी। कई स्कूलों में दिव्यांग शौचालयों का निर्माण पूरा हो रहा है। - आरपी सिंह, बीएसए