फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाढ़ के पानी से घिरे तीन मजरे

Sat, 16 Jul 2016 10:55 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
विज्ञापन
घाघरा का बढ़ा जलस्तर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
 घाघरा का जलस्तर फिर तीसरे दिन खतरे का निशान पार कर गया। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वहीं, एल्गिन-चरसड़ी बांध में एक स्थान पर कटान होने की भी संभावना बढ़ गई है। घाघरा की बाढ़ से तहसील के तीन मजरे पानी से घिर गए हैं। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के साथ ही गांव में नावें लगा दी गई हैं। बाढ़ से करीब एक हजार आबादी के सामने भोजन एवं जानवरों के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। 
विज्ञापन


घाघरा की बाढ़ से एल्गिन-चरसड़ी बांध पर पानी का दबाव बढ़ने लगा है। गुरुवार को घाघरा नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर हो गया था। उसके बाद शुक्रवार को पानी घट कर खतरे के निशान से करीब 10 सेंटीमीटर नीचे हो गया।

शनिवार की सुबह से घाघरा का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा, जो शाम तक खतरे के निशान से दो सेंटीमीटर ऊपर हो गया। घाघरा 106.07 खतरे के निशान से ऊपर 106.186 सेमी पर आ गई। बाढ़ के पानी एवं पानी के बहाव से बांध पर दबाव बढ़ने लगा है। ग्राम बेहटा के सामने नदी तेजी से कटान भी करने लगी, जिसे आनन-फानन में बालू भरी बोरियों को डालकर रोकने का प्रयास किया गया। लगातार बांध पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। 
विज्ञापन


उधर, करनैलगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम चंदापुर किटौली के तीन मजरे धुसवा, नाऊपुरवा, बिचलापुरवा बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर गए हैं, जिसकी सूचना मिलने के बाद एसड़ीएम अनिल कुमार मिश्रा, नायब तहसीलदार नवीन प्रसाद व राजस्व निरीक्षक, लेखपाल के साथ मौके पर पहुंचे।

ग्रामीणों को नाव की व्यवस्था कराते हुए सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए कहा। इन तीन मजरों की करीब एक हजार आबादी पानी से घिरी हुई है। जिनके समक्ष भोजन एवं जानवरों के लिए चारे का संकट है। एसडीएम अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि बाढ़ के पानी से घिरे गांव के लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने व अपना आशियाना छोड़ने को तैयार नहीं हैं।

ऐसे में उन्हें राशन, तेल च नाव की सुविधा मुुहैया कराई जा रही है। बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार नजर रखी जा रही है। उनके मुताबिक बरसात के चलते बांध पर कई जगह रैनकटस हो गए, जिन्हें भरने व बांध पर लगातार कांबिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।

बांध पर मौजूद एई अशोक कुमार बताते हैं कि घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। करीब एक लाख 73 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रहा। नदी के और बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि बांध पूरी तरह सुरक्षित है। 
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें