बीते सोमवार को आई आंधी के जख्म अभी पूरी तरह से भरे भी नहीं थे कि बुधवार की दोपहर एक बार फिर से आई आंधी ने पावर कॉर्पोरेशन की बिजली आपूर्ति बहाल किए जाने की मंशा पर पानी फेर दिया।
आवास विकास में बिजली से पैदा हुई पेयजलापूर्ति की समस्या को लेकर बुधवार को यहां की महिलाओं ने सुबह होते ही सरकुलर रोड को जाम कर दिया। जिससे करीब चार घंटे तक बहराइच व फैजाबाद रोड का आागमन पूरी तरह से बाधित रहा।
जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जैसे-तैसे महिलाओं व पुरुषों का शांत कराकर इस आश्वासन पर जाम खुलवाया कि वह शाम तक हरेक ट्यूबवेल पर जनरेटर लगवाकर सभी इलाकों की पेयजलापूर्ति व्यवस्था को बहाल करवा देंगे।
जबकि शाम तक उनके घरों की बिजली भी चालू हो जाएगी। लेकिन इसमें से एक आश्वासन छोड़ आवास विकास की 30 हजार आबादी को बिजली दिए जाने का वायदा अभी तक पावर कॉर्पोरेशन के लोग पूरा नहीं कर पाए हैं। बुधवार को दस खंभे टूटने से बिजली की समस्या और बढ़ गई। बुधवार की सुबह 8 बजे से 12 बजे तक मिश्रौलिया पुलिस चौकी से मनकापुर बस अड्डे तक तीन किलोमीटर रोड पूरी तरह जाम रही।
आवास विकास को बिजली न मिलने से गुस्साए लोगों ने सुबह होते ही सरकुलर रोड पर जाम लगा दिया। जिससे पूरी रोड ब्लाक हो गई और सड़क से आने-जाने वाले लोगों को जाम में ही फंसे रहना पड़ा। सभासद किसलय तिवारी ने बताया कि आवास विकास में सोमवार को आई आंधी से बिजली के पांच खंभे टूट गए थे। जिसे 48 घंटे बाद भी पावर कॉर्पोरेशन के लोग ठीक नहीं करा पाए हैं।
जबकि बाकी मोहल्लों की लाइटें चल रही हैं। बिजली के चलते उनके मोहल्लों में पानी की भी बड़ी समस्या खड़ी हो गई है और लोग अपने घरों में न तो सो पा रहे हैं न ही कोई काम कर पा रहे हैं।
वहीं जाम की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस व पावर कॉर्पोरेशन के लोगों ने जैसे-तैसे समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। साथ ही हरेक ट्यूबवेल पर पानी की समस्या खत्म कराने के लिए जनरेटर लगाने को कहा। जिसके बाद नाराज लोगों ने जाम खोला।
48 घंटे से बिजली को तरस रही शहर की 30 हजार आबादी
बीते 48 घंटों से आवास विकास की 30 हजार आबादी को एक मिनट तक के लिए बिजली नहीं मिली है। जिससे यहां के लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं बिजली से पैदा हुई पानी की समस्या भी आवास विकास सहित पूरे शहर में गहरा गई है।
बिजली की सप्लाई बंद होने से नगर पालिका के ओवरहेड टैंक खाली पड़े हैं और लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। वहीं आवास विकास में 48 घंटों से बिजली न आने के कारण लोगों की पूरी दिनचर्या बिगड़ गई है।
40 खंभे दुरुस्त नहीं हुए 10 और टूट गए
शहर में सोमवार को आई आंधी से बिजली के टूटे 40 खंभे अभी ठीक भी नहीं हुए थे कि बुधवार को 10 खंभे और टूट गए। जिससे पालीटेक्निक, गरीबीपुरवा, सेमरादम्मन और केशवपुर पहड़वा इलाकों की बिजली फिर से गुल हो गई है।
बड़गांव बिजलीघर के अवर अभियंता विनोद कुमार त्रिवेदी ने बताया कि उनके क्षेत्र में बिजली के 17 खंभे पहले से टूटे पड़े हैं। वहीं झंझरी क्षेत्र में 11, सिविल लाइन में 12 खंभे पहले से टूटे पड़े हैं। जिससे तीनों बिजलीघरों के कई इलाकों में अभी भी अंधेरा छाया हुआ है।
आंधी-पानी से जिले की बिजली व्यवस्था को काफी नुकसान हुआ है। आवास विकास में बिजली के पांच खंभे टूटे थे, जिसे लगभग सही करा दिया गया है। जल्द ही इस इलाके की बिजली चालू हो जाएगी। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में जहां-जहां से सूचना मिल रही है, वहां की बिजली ठीक कराने का काम चल रहा है। -राधेश्याम भाष्कर, एक्सईएन, हैडिल प्रथम