गोंडा। जिले में कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी के बाद सोमवार को भोर सुबह से झमाझम बारिश शुरू हो गई। सुबह करीब छह बजे हल्की हवाओं के साथ तेज बारिश में तब्दील हो गई। 10 बजे तक रुक-रुककर बरसात होती रही। सर्वाधिक 83 मिलीमीटर बरसात तरबगंज क्षेत्र में हुई। इससे किसानों के धान की फसल को संजीवनी मिल गई, गन्ने को भी फायदा हुआ है।
जिले में करीब 15 दिनों से उमसभरी गर्मी पड़ रही है। तेज बारिश न होने से धान की फसल भी सूखने लगी थी। लेकिन सोमवार को हुई बरसात के बाद फसलों को फायदा मिला है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुधांशु ने बताया कि इस समय गन्ना व धान की फसलों को सिंचाई की जरूरत थी, बरसात होने से काफी फायदा हुआ है। वहीं बारिश के बाद शहर से लेकर गांव तक जलजमाव देखने को मिला। जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि सर्वाधिक बारिश तरबगंज क्षेत्र में 83 मिमी, बेलसर में 70 मिमी, नवाबगंज में 64 व करनैलगंज में 34 मिलीमीटर रिकार्ड किया गया।
जलभराव पर डीएम ने जताई नाराजगी
बारिश के दौरान जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन मेडिकल कॉलेज पहुंच गई। परिसर में घुटनों तक पानी भरा होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने मेडिकल कॉलेज व नगर पालिका के अधिकारियों से जल निवासी का समाधान पूछा। डीएम ने मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य, नगर पालिका के ईओ व नगर मजिस्ट्रेट से को आपसी समन्वय बनाकर जल्द ही जल निवासी के इंतजाम करने का निर्देश दिया। डीएम के नाराजगी के बाद टैंकर मंगवाकर पानी निकलवाया गया।
किसानों को मिली राहत
इटियाथोक। दो सप्ताह की उमस और तपिश के बाद सोमवार को झमाझम बारिश ने लोगों को बड़ी राहत दी। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। बार-बार सिंचाई से परेशान धान और गन्ना किसानों ने राहत की सांस ली। बिरमापुर के किसान उमेश चंद्र द्विवेदी ने बताया कि यह बारिश फसलों के लिए वरदान साबित हुई। (संवाद)