स्वामी नारायण छपिया मंदिर में भगवान को लगाया गया छप्पन भोग। - संवाद
मसकनवा (गोंडा)। गुजरात के प्रसिद्ध स्वामी नारायण मंदिर जैतलपुर की स्थापना के द्वितीय शताब्दी वर्ष महोत्सव पर यहां भी कार्यक्रम हुआ। भगवान घनश्याम महाराज की जन्मस्थली स्वामी नारायण छपिया मंदिर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
गुजरात से आए संतों व 500 हरिभक्तों ने सोमवार सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक 12 घंटे स्वामी नारायण धुन का अखंड जाप किया। संगीतमयी धुन पर स्वामी नारायण, स्वामी नारायण की गूंज से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो गया। मंगलवार सुबह हरिभक्तों ने मंदिर के सामने स्थित पवित्र नारायण सरोवर में स्नान किया। दूध, दही, पंचामृत, गंगाजल, नारायण सरोवर के जल, केसर से भगवान घनश्याम महाराज का महाभिषेक किया। मंगला आरती व शृंगार आरती की गई। भगवान घनश्याम महाराज का भव्य शृंगार किया गया।
कार्यक्रम के आयोजक स्वामी नारायण मंदिर जैतलपुर धाम के महंत पुरुषोत्तम प्रकाश स्वामी, आत्मप्रकाश स्वामी सहित जैतलपुर धाम से आए केपी स्वामी, जयपुर से आए महंत देव स्वामी, भक्तिनंदन स्वामी बावरा महंत, नारायणपुरा, मेहसांणा के महंत वीपी स्वामी, भानु स्वामी, जसवंत भाई, कांति भाई मोदी ने गुरु जगत प्रकाश स्वामी, स्वामी नारायण छपिया मंदिर के महंत देव स्वामी, कोठारी विष्णु स्वामी के साथ भगवान घनश्याम महाराज की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर विभिन्न व्यंजनों, फलों, मिठाइयाें, नमकीन आदि से भगवान घनश्याम महाराज को छप्पन भोग (अन्नकूट) लगाया गया।