गोंडा। अब डिग्री कालेजों में भी पढ़ाई की गुणवत्ता को परखा जाएगा। शासन स्तर से इसके लिए लक्ष्य तय कर निरीक्षण रिपोर्ट की जिम्मेदारी डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलसचिव को सौंपी गयी है।
वह जिले के दोनों सहायता प्राप्त महाविद्यालय का निरीक्षण कर वहां हो रहे पठन पाठन की गुणवत्ता को परखेंगे। निर्देश दिया गया है कि हर माह की पांचवीं तारीख तक रिपोर्ट अनिवार्य रूप से शासन को मिल जानी चाहिए। भरोसा जताया जा रहा है कि इससे महाविद्यालयों में पठन-पाठन की मौजूदा स्थिति में सुधार लाने को प्रबंधतंत्र पर दबाव पड़ेगा।
जांच के लिए शासन से भी अधिकारी निरीक्षण को महाविद्यालय आ सकते हैं। इसमें विशेष सचिव को हर महीने दो, संयुक्त सचिव को तीन, निदेशक उच्च शिक्षा को पांच, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा को 15, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को 25-25, उप कुलसचिवों, सहायक कुलसचिवों को 15-15 महाविद्यालयों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।
जिले में लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय और आचार्य नरेंद्र देव महाविद्यालय बभनान इसके घेरे में आएंगे। निरीक्षण में महाविद्यालयों में उपलब्ध पाठ्यक्रमों, प्रवेश की स्थिति, कक्षाओं के संचालन, शैक्षिक स्टाफ की उपलब्धता और नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को परखा जाएगा।
इसके दृष्टिगत लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय में शिक्षकों ने सुधार की कवायद भी शुरू कर दी है। हिंदी के विभागाध्यक्ष डा. शैलेंद्र नाथ मिश्र ने बताया कि कालेज में शैक्षिक व्यवस्था में बड़े स्तर पर सुधार हुए हैं। कई नए कोर्स भी शुरू किये गये हैं। इसी तरह बभनान के आचार्य नरेंद्र देव महाविद्यालय में भी जांच में खरा साबित उतरने के प्रयास शिक्षकों ने शुरू कर दिए हैं।