गोंडा। प्रदेश सरकार की टैबलेट व स्मार्ट फोन योजना से युवाओं में उत्साह है। डा. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय व कौशल विकास मिशन की ओर से छात्रों का डाटा तैयार कराया गया है।
अब छात्रों का सत्यापन शुरू हो गया है। जिले के करीब 48 हजार युवाओं को इस योजना का लाभ मिल सकता है। इसमें अधिकतर डिग्री कालेजों के छात्र शामिल होंगे।
पॉलीटेेक्निक व आईटीआई के साथ ही कौशल विकास मिशन के पांच हजार के करीब प्रशिक्षणार्थी ही शामिल हैं। अकेले एलबीएस डिग्री कॉलेज के ही 8500 छात्रों में पांच हजार छात्रों का सत्यापन पूरा हो चुका है। जिले के 20 हजार छात्रों का सत्यापन पूरा होने वाला है।
प्रदेश सरकार की ओर से तकनीकी सशक्तिकरण योजना से छात्रों को टैबलेट व स्मार्ट फोन योजना अब आगे बढ़ी है। जिले में दो सहायता प्राप्त और करीब 40 वित्तविहीन डिग्री कॉलेज हैं। जिनके करीब 48 हजार छात्रों को योजना से लाभ मिलने की उम्मीद है।
अभी फिलहाल कालेजों में स्नातक कक्षाओं के द्वितीय वर्ष, तृतीय वर्ष और परास्नातक के अंतिम वर्ष के छात्रों का सत्यापन शुरू हो गया है। एलबीएस डिग्री कालेज के प्राचार्य डॉ. रवींद्र कुमार कहते हैं कि कालेज के 8500 छात्रों का डाटाबेस तैयार किया गया है।
इसमें पांच हजार के करीब छात्रों का सत्यापन हो रहा है। इनको लाभ मिलने की पूरी उम्मीद है। इसके साथ ही शासन के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी स्नातक में द्वितीय वर्ष व तृतीय वर्ष और परास्नातक के अंतिम वर्ष का सत्यापन किया जा रहा है।
वहीं कौशल विकास मिशन में भी प्रशिक्षणार्थियों का डाटा तैयार हो रहा है। विभिन्न व्यवसायिक शिक्षा के प्रशिक्षार्णियों का ब्योरा आनलाइन किया गया है और उनका सत्यापन हो रहा है।
करीब पांच हजार व्यवसायिक युवाओं को भी योजना का लाभ दिये जाने तैयारी हो रही है। माना जा रहा है कि दिसंबर माह में छात्रों को सूचीबद्ध करके वितरण किया जाना है। इसके लिए शासन की ओर से निर्देश का इंतजार हो रहा है। वहीं इस योजना में तेजी से कार्य होने से युवाओं में उत्साह है।
टैबलेट व स्मार्ट फोन योजना में लाभ के लिए किसी को आवेदन नहीं करना था। इसके बाद भी कुछ संस्थाओं की ओर से छात्रों से आवेदन भराए गए। प्रशासन को शिकायत मिली कि जिले की एक संस्था की ओर से छात्रों से आवेदन लिये गये और शुल्क भी लिया गया है।
इसके बाद जांच के भी आदेश हुए हैं। माना जा रहा है कि इस तरह की सूचना मिलने पर प्रशासन की निगाहें ऐसी संस्थाओं पर टिक गई है। कौशल विकास मिशन को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि हर स्थिति पर नजर रखी जाए। वहीं छात्रों और युवाओं से अपील किया गया है कि किसी तरह का आवेदन नहीं करना है। योजना का लाभ संस्थाओं में प्रवेश और शिक्षण कार्य का सत्यापन करते हुए दिया जाना है।