ब्लड बैंक में रक्तदान करते चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम डब्ल्यू खान। -संवाद
गोंडा। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम डब्ल्यू खान ने मंगलवार को थैलेसीमिया व सीवर एनीमिया से पीड़ित मरीज को अपना खून देकर जान बचाई।
इमलिया गुरुदयाल के बिमौर निवासी गुड़िया देवी मंगलवार को चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम डब्ल्यू खान से मिलीं। बताया कि डॉक्टर ने उनके दिव्यांग बेटे शिवा को एक यूनिट खून और चढ़ाने का सुझाव दिया है। अधीक्षक ने कहा कि रोओ मत अम्मा, इस बार हम अपना ही खून दे देंगे। डॉ. खान ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में भर्ती शिवा को चार यूनिट खून चढ़ चुका है, जिसमें दो यूनिट मरीज के परिजनों ने दिया था, जबकि दो यूनिट खून बिना डोनेशन मुफ्त में दिलाया गया। नियम के अनुसार एक ही व्यक्ति को बार-बार खून मुफ्त में नहीं दिया जा सकता है। इसलिए शिवा की जिंदगी बचाने के लिए खुद रक्तदान किया। इस मौके पर ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. चेतन पाराशर, डॉ. शोएब इकबाल, डॉ. अनिल वर्मा, प्रवीण पांडेय, अनुपमा सहित अन्य मौजूद रहे।
गंभीर बीमारी से पीड़ित है शिवा
शिवा थैलेसीमिया व सीवर एनीमिया से पीड़ित और 80 फीसदी दिव्यांग है। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि इस बीमारी में पर्याप्त मात्रा में खून नहीं बनता है। जिससे समय समय पर खून चढ़ाना पड़ता है।