गोंडा। नए कानून के तहत आपराधिक घटनाओं को अति गंभीर, गंभीर और सामान्य श्रेणियों में बांटकर विवेचना की जाएगी। इसमें जिले के फोरेंसिक विशेषज्ञ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ये विवेचक को साक्ष्य संकलन में वैज्ञानिक तरीके से बेहतर मदद करेंगे। इसके लिए प्रत्येक जिले में तीन फोरेंसिक विशेषज्ञ तैनात किए जाएंगे। मंडल स्तर पर इसकी तैयारी तेज हो गई है।
पूरे देश में एक जुलाई से आईपीसी, सीआरपीसी और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन बदलावों के साथ ही अपराध में साक्ष्य संकलन को वैज्ञानिक तौर तरीके से मजबूती देने के लिए सभी जिलों में फोरेंसिक विशेषज्ञों को बढ़ाया जाएगा। देवीपाटन मंडल के विधि विज्ञान प्रयोगशाला के उपनिदेशक डॉ. राजकुमार ने बताया कि गोंडा, बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती समेत सभी जिलों में एक के बजाय अब तीन-तीन फोरेंसिक विशेषज्ञ तैनात किए जाएंगे।
देश के गृह मंत्रालय के साथ ही शासन स्तर से इसकी कवायद शुरू की गई है। ऐसे में सभी जिलों में घटित एक जुलाई से 31 दिसंबर 2024 के बीच घटनाओं की रिपोर्ट तलब की गई है। उन्होंने बताया कि नए बदलाव के साथ ही आपराधिक घटनाओं को अति गंभीर, गंभीर और सामान्य श्रेणी में बांटकर साक्ष्य संकलन किया जाएगा। वैज्ञानिक निष्कर्ष के साथ ही विवेचक को किसी भी श्रेणी के अपराध को पारदर्शी व निष्पक्ष विवेचना में मदद मिल सकेगी। इससे पीड़ितों को न्याय व अपराधियों को सजा दिलाई जा सकेगी। (संवाद)
आउटसोर्सिंग पर तैनात हो सकते हैं विशेषज्ञ
उपनिदेशक ने बताया कि आउटसोर्सिंग पर फोरेंसिक विशेषज्ञ तैनात किए जाएंगे। जून से पहले सभी जिलों में तैनाती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए शासन स्तर से सभी जरूरी प्रक्रियाएं चल रही हैं। एजेंसी नामित करने के साथ ही आवेदन लिए जाएंगे। इसमें योग्य उम्मीदवारों के चयन के साथ ही प्रयोगशालाओं की दक्षता बढ़ाई जाएगी।
ऐसे होगा अपराध की श्रेणियों का निर्धारण
अधिकारियों ने बताया कि जिन आपराधिक घटनाओं में सात साल से अधिक की सजा है वो अति गंभीर अपराध की श्रेणी में दर्ज की जाएंगी। वहीं, जिन धाराओं में तीन से सात साल की कम सजा है उन्हें गंभीर श्रेणी में रखा गया है। इसी तरह से तीन साल से कम सजा वाली आपराधिक घटनाओं को सामान्य श्रेणी में रखा गया है। इससे विशेषज्ञ अलग-अलग तरीके से वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन कर पाएंगे।
मंडल में अपराध में बहराइच सबसे आगे
जिला घटनाएं
बहराइच 246
गोंडा 171
श्रावस्ती 142
बलरामपुर 78
(एक जुलाई से 31 दिसंबर के बीच का आंकड़ा। स्रोत : विभाग)