26 अप्रैल को अमर उजाला ने कभी भी टूट सकती बिसुही नदी की जर्जर पुलिया शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। लेकिन इस खबर पर न तो जिला प्रशासन की नजर पड़ी और न ही पीडब्ल्यूडी व आरईएस विभाग की। जिसका नतीजा यह हुआ कि हाल में ही करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क पर पुलिया बोचीबीच क्षतिग्रस्त होकर टूट गई और सड़क में होल हो गया। स्थिति यह है कि अभी भी इस होल को लोग व भारी वाहन नजरंदाज कर सड़क से आ-जा रहे हैं, जो किसी भी वक्त एक बड़ी दुर्घटना का सबब बन सकता है।
आर्यनगर से गोकरनशिवाला होते हुए महराजगंज को जाने वाली 22 किलोमीटर सड़क का निर्माण अभी हाल में करोड़ों रुपये की लागत से पीएमजीएसवाई योजना में पूरा हुआ है। सड़क को बने अभी 6 महीने भी नहीं बीते हैं, लेकिन देखने में यह सड़क कई साल पुरानी नजर आने लगी है। जिसकी कई जगहों पर गिट्टियां तक उजड़ गई है।
गोंडा से बलरामपुर जाने वाली सड़क के पूरी तरह से जर्जर होने के कारण ज्यादातर वाहन इसी रोड से बलरामपुर आते-जाते हैं। 26 अप्रैल को अमर उजाला ने इसी सड़क का हवाला देते हुए इस सड़क पर बनी उस पुलिया की खबर प्रकाशित की थी, जो काफी जर्जर है।
इसके बावजूद न तो पीडब्ल्यूडी ने अमर उजाला में छपी खबर पर कोई ध्यान दिया और न ही पुलिया का निर्माण कराने वाली संस्था आरईएस व जिला प्रशासन ने।
जिसका नतीजा यह रहा कि भारी वाहनों के आवागमन से पुलिया बीच में ही टूट गई और सड़क के एक छोर पर होल हो गया। लेकिन अभी भी इस सड़क से होकर भारी वाहन लगातार फर्राटा भर रहे हैं, जिन पर कोई अंकुश नहीं लग पाया है। ऐसे में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।